'दिल में अभी भी कई अरमां बाकी हैं'

इमेज कॉपीरइट Bollywoood Aajkal

'निकाह' के उस मशहूर गीत 'दिल के अरमां आंसुओं में बह गए' से मशहूर हुई सलमा आग़ा कलाकार के तौर पर कुछ ऐसा करना चाहती हैं जिससे उन्हें याद रखा जा सके.

सलमा आग़ा को हाल में भारतीय नागरिकता मिली है.

सलमा आगा कहती हैं, "उनके दिल का सबसे ख़ास अरमां है कि देश के लिए कुछ ऐसा करना, जिसे एक कलाकार के तौर पर हमेशा याद किया जा सके."

अपने जन्मदिन के मौक़े पर बीबीसी को दिए गए एक विशेष साक्षात्कार में सलमा आगा कहती हैं कि, "हुकूमतें बदलती रहती हैं लेकिन कला और कलाकार हमेशा बने रहते हैं. अगर एक कलाकर की वजह से अगर देश की पहचान बने इससे बेहतर बात और क्या हो सकती है.?"

बीबीसी की पुरानी कद्रदान रही सलमा आगा के मुताबिक़, "बीबीसी के साथ मेरा तीस साल पुराना रिश्ता है. सच पूछो तो मेरी शुरुआत ही बीबीसी के कार्यक्रम 'नई ज़िंदगी नया जीवन' से हुई थी. जन्मदिन के मौक़े पर बीबीसी के ज़रिए मेरे चाहने वाले मेरी आवाज़ सुन पाएंगे इसके लिए शुक्रिया."

लंबे अरसे से फिल्मों और संगीत से दूर रही सलमा आग़ा का कहना है कि, "मैं भारत और विदेशों में अपने म्युज़िक शो तो कर ही रही हूं. एक नया गाना भी गाया है. अमृता फडणवीस और मीका सिंह के साथ हमने एक अल्बम भी बनाया है, जिसमें उड़ी के शहीदों के शान में हमने एक गाना भी गाया है."

सलमा आग़ा को राजनीति से ज़्यादा लगाव तो नहीं है, लेकिन वो पीएम मोदी की ज़बरदस्त प्रशंसक हैं.

उनके मुताबिक़, "मोदी जी महिलाओं के लिए जो कर रहे हैं वो पहले शायद ही किसी ने किया हो."

उनका कहना है कि लोग कहते हैं मोदी जी बस यात्रा ही करते रहते है. लेकिन लोग यह नहीं समझ रहें हैं कि दुनिया भर में नरेंद्र मोदी की यात्रा से लोग भारत को समझ और जान रहे हैं.

मैं इन दिनों नरेंद्र मोदी जी के आदेश के बाद एक यात्रा की ब्रांड फेस भी बनी हूं. जिसमें हम देशभर के सौ शहरों में तिरंगा यात्रा निकालेंगे. यह तिरंगा यात्रा कश्मीर से कन्याकुमारी तक की होगी, जो अलग-अलग समय पर अलग-अलग शहरों पर निकलेगी.

भारत-पाकिस्तान के तल्ख़ हुए रिश्तों पर सलमा आगा का कहना है कि, "कोई भी आदमी जंग नहीं चाहता. जंग में दूसरों के साथ-साथ अपने भी तो मरतें हैं. मोदी साहब ने पाकिस्तान जाकर इस रिश्ते को एक अच्छा रंग देने की खूब कोशिश की. लेकिन हमारे अच्छे रिश्ते बनाने की पहल सब नाकाम रही और उड़ी का हमला हो गया. किसी तरह का वार नहीं होना चाहिए. इस मसले को बातचीत से सुलझाने की कोशिश करनी चाहिए. कहने को होता है दस जवान मारे गए, पर कोई ये नहीं सोचता कि उन जवानो के साथ उनका परिवार भी मरता है.

सलमा आग़ा की आवाज के लाखों दीवाने हैं, लेकिन ख़ुद सलमा खाली समय में लता मंगेशकर का एक गाना 'ओ सजना... बरखा बयार आई" गुनगुनाना पसंद करती हैं.