BBC World Service LogoHOMEPAGE | NEWS | SPORT | WORLD SERVICE DOWNLOAD FONT | Problem viewing?
BBCHindi.com

पहला पन्ना
भारत और पड़ोस
खेल और खिलाड़ी
कारोबार
विज्ञान
आपकी राय
विस्तार से पढ़िए
हमारे कार्यक्रम
प्रसारण समय
समाचार 
समीक्षाएं 
आजकल 
हमारे बारे में
हमारा पता
वेबगाइड
मदद चाहिए?
Sourh Asia News
BBC Urdu
BBC Bengali
BBC Nepali
BBC Tamil
 
BBC News
 
BBC Weather
 
 आप यहां हैं: 
 कारोबार
बुधवार, 01 अक्तूबर, 2003 को 17:27 GMT तक के समाचार
एच वन बी वीज़ा में कटौती
अमरीका सरकार एहतियाती तौर पर ये क़दम उठा रही है
अमरीका सरकार एहतियाती तौर पर ये क़दम उठा रही है

अमरीका ने एच वन बी वीज़ा की संख्या में कटौती कर रहा है और इससे सबसे ज़्यादा प्रभाव भारत के सॉफ़्टवेयर उद्योग पर पड़ने की आशंका है.

एच वन बी वीज़ा जिन लोगों को दिया जाता है उनमें से आधे तो भारतीय ही होते हैं इसलिए सर्वाधिक असर भारतीय उद्योग पर पड़ेगा.

अमरीका के लिए दुनिया भर में एच वन बी कोटे से पहले लगभग एक लाख पच्चानवे हज़ार वीज़ा दिए जाते थे.


भारत के सॉफ़्टवेयर विशेषज्ञों का एक बड़ा वर्ग एचवनबी वीज़ा का इस्तेमाल करता है

अशोक लाहा
मगर बुधवार से ही लागू हो रहे नए कोटे के तहत अब एच वन बी श्रेणी के तहत सिर्फ़ 65 हज़ार वीज़ा ही दिए जाएँगे.

हर साल लगभग ढाई लाख भारतीय अमरीका का वीज़ा पाने के लिए विभिन्न वर्गों में प्रार्थना पत्र देते हैं.

एच वन बी वीज़ा ऐसे विदेशियों को दिया जाता है जो किसी ख़ास पेशे में निपुण होने के आधार पर अमरीका में कुछ निश्चित समय के लिए रहने की अर्ज़ी देते हैं.

इस वर्ग में इंजीनियर, कंप्यूटर के जानकार, अकाउंटेंट, वित्त विशेषज्ञ, वैज्ञानिक, वकील, आर्कीटेक्ट जैसे पेशों के लोग शामिल हैं.

एच वन बी वर्ग में वीज़ा लेने वाला पेशावर अमरीका में ज़्यादा से ज़्यादा छह साल तक रहकर काम कर सकता है लेकिन शुरु में यह सिर्फ़ तीन साल के लिए ही दिया जाता है.

इस वर्ग में वीज़ा हासिल करके छह साल तक अमरीका में काम करने वाला कोई व्यक्ति अगर फिर से छह साल के लिए वीज़ा के लिए अर्ज़ी दे तो उसे पहले एक साल के लिए अमरीका से बाहर रहना होगा.

भारतीय उम्मीदें

भारत से बहुत से लोग इसी श्रेणी में वीज़ा हासिल करके अमरीका में काम करते हैं क्योंकि अमरीका को वैज्ञानिकों, इंजानियरों, कंप्यूटर विश्लेषकों, अकाउटेंटों वग़ैरा की बहुत ज़रूरत होती है.

इसलिए इस श्रेणी में वीज़ा की संख्या कम करने से भारत के पेशेवर लोगों पर बड़ा असर पड़ेगा.

अमरीका में सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र से जुड़े अशोक लाहा अमरीका के इस फ़ैसले के भारतीय सॉफ़्टवेयर उद्योग पर पड़ने वाले असर के बारे में कहते हैं, "भारत के सॉफ़्टवेयर विशेषज्ञों का एक बड़ा वर्ग एच वन बी वीज़ा का इस्तेमाल करता है."

लाहा कहते हैं, "यही वर्ग एच वन बी वीज़ा के कोटे में कटौती से सबसे ज़्यादा प्रभावित होगा."


अब जब अमरीकी अर्थव्यवस्था में मंदी आई है वीज़ा के कोटे का पूरा इस्तेमाल नहीं हो पा रहा है

दीपा ठाकुर
वह कहते हैं कि अमरीकी बाज़ार में अगर इस क्षेत्र की माँग फिर हुई तो भारतीय सॉफ़्टवेयर उद्योग इससे काफ़ी हद तक प्रभावित होगा.

लाहा के अनुसार, "अभी तो अमरीकी बाज़ार में मंदी है इसलिए इसका असर पता नहीं चलेगा मगर यदि माँग बढ़ी तो इसका असर लंबे समय तक होगा."

उन्होंने कहा कि जब पहले भी वीज़ा की संख्या कम थी तो लोग पहले ही प्रार्थना पत्र दे देते थे जिससे वीज़ा जल्दी ही ख़त्म हो जाता था.

माँग में कमी

आव्रजन से जुड़े मसलों पर नज़र रखने वाली टेक्सास की वकील दीपा ठाकुर कहती हैं कि एच वन बी वीज़ा में कटौती सिर्फ़ इसलिए की जा रही है क्योंकि अब अमरीका में सॉफ़्टवेयर विशेषज्ञों की माँग कम हो गई है.

ठाकुर कहती हैं, "जब 1990 के दशक में डॉटकॉम उद्योग में तेज़ी थी तब सॉफ़्टवेयर क्षेत्र से जुड़े लोगों की अमरीका में ज़बरदस्त माँग थी."

वह कहती है, "अब जब अमरीकी अर्थव्यवस्था में मंदी आई है वीज़ा के कोटे का पूरा इस्तेमाल नहीं हो पा रहा है. इसलिए ये महसूस किया गया कि 65 हज़ार वीज़ा पर्याप्त होंगे."

इसके बाद अब भारतीय विशेषज्ञ शायद दक्षिण पूर्व एशिया और यूरोप का रुख़ कर सकते हैं.
 
 
अन्य ख़बरें
24 जुलाई, 2003
बच्चों के लिए वीज़ा में ढील
10 जुलाई, 2003
कड़े हुए अमरीकी वीज़ा नियम
01 जून, 2003
'वीज़ा की बाधाएँ दूर करें'
06 जून, 2002
विदेशियों के लिए अमरीका के नए नियम
09 अप्रैल, 2002
अमरीकी वीज़ा नियमों में सख़्ती
इंटरनेट लिंक्स
एच वन बी वीज़ा
अमरीका की आव्रजन सेवा
बीबीसी अन्य वेब साइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है
कुछ और पढ़िए
भारत-आसियान में नज़दीकी
अब जर्मनी में बना 'मैनगार्डन'
याहू का मुनाफ़ा फिर बढ़ा
इन्फ़ोसिस फिर चक्कर में
'भारत को दोष देना अनुचित'
इंडियन ऑयल का निजीकरण?
अब कैडबरी चॉकलेट में कीड़े







BBC copyright   ^^ हिंदी

पहला पन्ना | भारत और पड़ोस | खेल और खिलाड़ी
कारोबार | विज्ञान | आपकी राय | विस्तार से पढ़िए
 
 
  कार्यक्रम सूची | प्रसारण समय | हमारे बारे में | हमारा पता | वेबगाइड | मदद चाहिए?
 
 
  © BBC Hindi, Bush House, Strand, London WC2B 4PH, UK