अमरीका में बड़े वित्तीय सुधारों की घोषणा

बारक ओबामा
Image caption राष्ट्रपति ओबामा के लिए वित्तीय संकट से अमरीका को उबारना सबसे बड़ी चुनौती है

अमरीकी सरकार ने भविष्य में किसी वित्तीय संकट से बचाव के लिए देश की बैंकिंग प्रणाली में बड़े सुधारों की घोषणा की है.

राष्ट्रपति बराक ओबामा के अनुसार ये सुधार 1930 के दशक में आई भयंकर मंदी के बाद के सबसे बड़े क़दम होंगे. सरकार ये सुधार योजना कांग्रेस के समक्ष रखेगी जिसके तहत ग्राहकों की रक्षा के लिए नए विभाग बनाने और फेडरल रिज़र्व को अत्यधिक रिस्क लेने से रोकने के अधिकार दिए जाने का प्रावधान किया गया है. राष्ट्रपति ओबामा ने अमरीका में पिछले वर्ष आए भीषण वित्तीय संकट के लिए गैर ज़िम्मेदारी की संस्कृति और अत्यधिक वेतन दिए जाने को उत्तरदायी करार दिया है. उनका कहना था कि वो मुक्त बाज़ार के समर्थक हैं लेकिन इसका दुरुपयोग रोकने के लिए सरकार की नज़र नियमों पर होनी ही चाहिए. नए सुधारों के बाद बड़े बैंक बड़ी मात्रा में पैसा अलग रख सकेंगे जिसका उपयोग दिक्कत के समय किया जा सकेगा. इसके अलावा ग्राहकों के हितों की रक्षा के लिए नया विभाग बनेगा जो क्रेडिट कार्ड और रिणों पर नज़र रखेगा.

राष्ट्रपति ओबामा ने इन सुधार प्रस्तावों की घोषणा करते हुए कहा, '' हम सतत आर्थिक विकास के लिए एक नई नींव बना रहे हैं. यह काम आसान नहीं होगा.'' उनका कहना था कि विभिन्न आर्थिक फर्मों पर सरकारी नज़र के नहीं होने से इन फर्मों ने गैर ज़िम्मेदाराना रिस्क लिया जिसका नुकसान कंपनी और लोगों को हुआ. उन्होंने कहा, '' हम जानते हैं कि मंदी किसी एक की असफलता का नतीजा नहीं थी बल्कि कई लोगों की असफलता थी. हमारे सामने जो चुनौतियां हैं वो की दशकों में की गई ग़लतियों और चूके मौकों के कारण खड़ी हुई हैं.'' अमरीका की सिक्योरिटीज़ इंडस्ट्री और फाइनेंसिय मार्केट एसोसिएशन के मुख्य कार्यकारी टिमोथी रेयान का कहना था कि इन प्रस्तवों की घोषणा के साथ ही प्रशासन अब बहस से आगे बढ़कर कार्रवाई के चरण में पहुंचा है. वो कहते हैं, '' यह ऐसा मौका है जो कभी कभी आता है जब पूरे सिस्टम को बदलते हैं जिससे वित्तीय प्रणाली बेहतर और सुदृढ़ हो सके.'' हालांकि सभी लोग इन घोषणाओं को लेकर सकारात्मक नहीं हैं. मैरीलैंड विश्वविद्यायल के स्मिथ स्कूल ऑफ बिजनेस के पीटर मोरीसी कहते हैं कि ये नए बदलाव एक बड़ी लालफीताशाही के तंत्र जैसा है जो प्रभावी सिद्ध नहीं होगा और इसमें खर्च बहुत ज्यादा होगा.

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