विश्व अर्थव्यवस्था मंदी से बाहर आ रही है: आईएमएफ़

आईएमएफ़
Image caption आईएमएफ़ अब वैश्विक अर्थव्यवस्था से कम मायूस नज़र आ रहा है

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने कहा है कि विश्व की अर्थव्यवस्था के मंदी से उभरने की प्रक्रिया शुरु हो गई है लेकिन पूरी तरह ऐसा होने में कई अड़चनें आ सकती हैं.

उधर आप्रवासी भारतीयों के मामलों के मंत्री वायलार रवी ने लोकसभा में एक सवाल के जवाब में यूनाइटेड अरब अमीरात से भारत लौटने वाले भारतीयों के बारे में जानकारी दी है.

उन्होंने कहा है कि यूएई में आर्थिक मंदी के कारण परियोजनाओं की रफ़्तार घटने से अनुमान है कि 50 हज़ार से डेढ़ लाख भारतीय कर्मचारी वहाँ से भारत लौट आए हैं.

आईएमएफ़ अब कम मायूस

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने कहा है कि अभी भी वित्तीय बाज़ारों और बैंकों में कई तरह की समस्याएँ है.

आईएमएफ़ का कहना है कि विकसित देशों की अर्थव्यवस्था में अगले साल की तीसरी तिमाही से पहले विकास दर बढ़ने के आसार कम हैं.

लेकिन अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्था का ये भी कहना है कि आर्थिक और वित्तीय नीतियों के बारे में अभूतपूर्व प्रयास करने से स्थिरता बढ़ी है.

बीबीसी के आर्थिक मामलों के संवाददाता का कहना है कि आईएमएफ़ की रिपोर्ट कोई बहुत ज़्यादा आशावादी तो नहीं है लेकिन ऐसा प्रतीत होता है कि अंतरराष्ट्रीय संस्था वैश्विक आर्थिक स्थिति के बारे में अब कम मायूस है.

बिना वेतन अवकाश

उधर आप्रवासी भारतीयों के मामलों के मंत्री वायलार रवी ने कहा है कि जो 50 हज़ार से डेढ़ लाख तक भारतीय यूएई से लौटे हैं, उनमें से अधिकतर बिना वेतन के अवकाश पर हैं और उन्हें उम्मीद है कि जब स्थिति बेहतर होगी तब वे दोबारा यूएई काम पर जा पाएँगे.

उन्होंने लोकसभा को बताया कि सऊदी अरब, ओमान, कुवैत, बहरीन, क़तर और मलेशिया में स्थित भारतीय दूतावासों से ख़बर मिली है कि इन देशों में भी कुछ भारतीयों को नौकरियों से हाथ धोना पड़ा है.

उनका कहना था, "अफ़ग़ानिस्तान, सीरिया, सूडान, ब्रूनी, लीबिया, जॉर्डन और लेबनान में स्थित भारतीय दूतावासों से मिली जानकारी से संकेत मिले हैं कि वहाँ आर्थिक मंदी से भारतीय पर कोई असर नहीं पड़ा है."

उन्होंने कहा कि अमरीका में मौजूद लगभग सभी वर्गों के भारतीय आर्थिक मंदी से प्रभावित हैं.