विप्रो को पहली तिमाही में मुनाफ़ा

अज़ीम प्रेमजी
Image caption अज़ीम प्रेमजी इस मुनाफ़े को स्थिरता के संकेत के तौर पर देख रहे हैं.

भारत की तीसरी सबसे बड़ी आउटसोर्सिंग कंपनी विप्रो ने इस वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही में 10.1 अरब रूपए का कुल मुनाफ़ा कमाया है.

सॉफ़्टवेयर के क्षेत्र में पूरी दुनिया में नाम कमानेवाली इस कंपनी ने एलान किया है कि खर्चों में कटौती करके उन्होंने पिछले साल की पहली तिमाही के मुक़ाबले उनके मुनाफ़े में 12.8 प्रतिशत की वृद्धि हुई है.

जनवरी में विप्रो का कहना था कि आर्थिक मंदी की वजह से उसे काफ़ी मुश्किल घड़ी का सामना करना पड़ रहा है.

कंपनी ने साल 2009 को विश्व अर्थव्यवस्था के लिए अनिश्चितताओं भरा साल बताया है.

विप्रो के चेयरमैन अज़ीम प्रेमजी का कहना था कि व्यापार में स्थिरता के आसार नज़र आ रहे हैं.

इस वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही के मुनाफ़े की ख़बर के एलान के साथ ही विप्रो के शेयरों में 0.7 प्रतिशत की उछाल देखी गई और प्रति शेयर की कीमत 461 रूपए तक पहुंच गई.

भारत समेत दुनिया में कुल 90,000 लोग विप्रो में काम करते हैं.