अनिल अंबानी का तेल मंत्रालय पर आरोप

देश के प्रमुख उद्योगपतियों में से एक अनिल अंबानी ने भारत के तेल मंत्रालय पर पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाया है.

Image caption दोनों भाइयों के बीच प्राकृतिक गैस के बँटवारे को लेकर विवाद चल रहा है

अपनी कंपनी रिलायंस नेचुरल रिसोर्सेस लिमिटेड (आरएनआरएल) के शेयरधारकों से कहा कि उनके बड़े भाई की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्री लिमिटेड (आरआईएल) कृष्णा-गोदावरी कछार से निकलने वाले प्राकृतिक गैस में से उसका हिस्सा नही दे रही है.

इसे उन्होंने आरआईएल का कॉर्पोरेट ग्रीड यानी कॉर्पोरेट लालच का नाम दिया है.

उन्होंने कहा कि तेल और प्राकृतिक गैस मंत्रालय को उनकी कंपनी और उनकी भाई की कंपनी के बीच चल रहे पारिवारिक विवाद का पता था लेकिन मंत्रालय अनावश्यक ढंग से इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुँच गया.

उन्होंने मंत्रालय पर पक्षपातपू्र्ण रवैया अपनाने के आरोप लगाया.

आम तौर पर कोई मामला अदालत में हो तो उद्योगपति या व्यवसाई सार्वजनिक रुप से इस पर टिप्पणी करने से बचते हैं लेकिन अनिल अंबानी ने ऐसी कोई सावधानी नहीं बरती.

उल्लेखनीय है कि दोनों भाइयों के बीच प्राकृतिक गैस के बँटवारे को लेकर विवाद चल रहा है और मंत्रालय ने सुप्रीम कोर्ट में कहा है कि प्राकृतिक गैस शासकीय संपत्ति है न कि रिलायंस इंडस्ट्री की.

अनिल अंबानी ने मंगलवार को चुनौती देते हुए कहा है कि सरकार तेल के भंडार को वापस क्यों नहीं ले लेती.

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