माइक्रोसॉफ़्ट और याहू में समझौता

दुनिया की सबसे बड़ी सर्ज इंजिन गूगल से मुक़ाबला करने के लिए माइक्रोसॉफ़्ट और याहू ने साथ आने की घोषणा की है.

Image caption याहू की सीईओ कैरोल बार्ट्ज़ के कारण यह समझौता संभव हुआ है

इस तरह के व्यावसायिक समझौते की चर्चा बहुत समय से चल रही थी.

समझौते के तहत माइक्रोसॉफ़्ट के सर्च इंजिन बिंग याहू की वेबसाइट को मज़बूत बनाएगा और बदले में याहू बाज़ार में माइक्रोसॉफ़्ट के ऑनलाइन उत्पादों के लिए विज्ञापन करेगा.

याहू पिछले कुछ वर्षों से लाभ अर्जित करने के लिए संघर्ष कर रही है. लेकिन पिछले साल उसने अधिग्रहण के माइक्रोसॉफ़्ट के सभी प्रस्तावों को नकार दिया था.

फ़ायदे के लिए

माइक्रोसॉफ़्ट के प्रमुख स्टीव बालमर ने कहा है कि याहू के साथ दस वर्षों के लिए हुआ यह समझौता माइक्रोसॉफ़्ट के सर्ज इंजिन बिंग को प्रतिस्पर्द्धा के अवसर उपलब्ध करवाएगा.

उनका कहना था, "याहू के साथ इस समझौते के ज़रिए हम इंटरनेट में खोज के क्षेत्र में हम नए प्रयोग कर सकेंगे, विज्ञापनदाताओं को बेहतर लाभ दे सकेंगे और उपभोक्ताओं को बेहतर उत्पाद चुनने का एक मौक़ा मिलेगा क्योंकि इस समय तो बाज़ार में सिर्फ़ एक ही कंपनी है."

इसके बदले में याहू पहले पाँच सालों में सर्च इंजिन में विज्ञापन के ज़रिए होने वाली आय में से 88 फ़ीसदी अपने पास रख सकेगी और उसे माइक्रोसॉफ़्ट की कुछ वेबसाइटों पर विज्ञापन करने का अधिकार भी होगा.

उधर याहू को अगले दो सालों में अपने कर्मचारियों की नौकरी ख़त्म होते देखने के लिए तैयार करना होगा. उसके कुछ कर्मचारी माइक्रोसॉफ़्ट में ले लिए जाएँगे, कुछ याहू में बने रहेंगे लेकिन याहू की मुख्य कार्यकारी अधिकारी कैरोल बार्ट्ज़ के अनुसार 'नौकरियाँ ख़त्म होने को टाला नहीं जा सकता.'

माइक्रोसॉफ़्ट के साथ यह समझौता याहू के सह संस्थापक जेरी यांग के मुख्य कार्यकारी के पद से हट जाने के बाद संभव हुआ है. वे पिछले साल के अंत में अपने पद से हट गए थे.

बीबीसी के कारोबार संपादक टिम वेबर का कहना है कि कैरोल बार्ट्ज़ जैसा कोई बाहर का व्यक्ति ही याहू के लिए ऐसा कोई समझौता कर सकता था.

इस समझौते के बाद याहू और माइक्रोसॉफ़्ट मिलकर अमरीका के वेबसाइट खोज और विज्ञापन बाज़ार के 30 प्रतिशत पर नियंत्रण हासिल कर सकेंगे.

गूगल इसके बाद भी बाज़ार के 65 प्रतिशत पर काबिज़ रहेगा.

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