ग़रीब देशों को और कर्ज़ मिलेगा

अफ़्रीका
Image caption आईएमएफ़ का कहना है कि इस कदम से ग़रीब देशों का काफ़ी फ़ायदा होगा.

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने आर्थिक संकट से जूझ रहे ग़रीब देशों को दिए जाने वाले कर्ज़ में भारी बढ़ोतरी करने की घोषणा की है.

मुद्रा कोष का कहना है कि वो अपने सोने के स्टॉक में से कुछ बेचकर अगले दो वर्षों में विकासशील देशों को मिलने वाले कर्ज़ में आठ अरब डॉलर की वृद्धि करेगा.

ग़ौरतलब है कि ये राशि जी-20 यानि 20 संपन्न या संपन्नता की ओर बढ़ रहे देशों की अप्रैल में हुई बैठक के लक्ष्य से भी ज़्यादा है.

बीबीसी संवाददाता मार्क ग्रेगरी का कहना है कि 2014 तक कर्ज की राशि में 17 अरब डॉलर तक की वृद्धि हो जाएगी.

लेकिन ध्यान देने वाली बात ये भी है कि कम आय वाली जो अर्थव्यवस्थाएं हैं उनको जो कर्ज़ मिलता है वो आईएमएफ़ के कुल बजट का बहुत छोटा सा हिस्सा है.

जी-20 की वाशिंगटन में हुई बैठक में आईएमएफ़ के बजट को 750 अरब डॉलर तक बढ़ाने की बात हुई थी.

अब तक आईएमएफ़ ब्राज़ील, तुर्की जैसी मध्यम वर्ग की अर्थव्यवस्थाओं पर ही ध्यान केंद्रित करता था.

बेहद ग़रीब देश ख़ासकर अफ़्रीकी देशों पर ध्यान देने की ये नीति पहले से बिल्कुल अलग है.

आईएमएफ के प्रमुख डॉमिनिक स्ट्रॉस का कहना है कि ये बदलाव "अभूतपूर्व" हैं और इससे लाखों लोगों को ग़रीबी से उबारने में मदद मिलेगी.

लेकिन बीबीसी संवाददाता का ये भी कहना है कि जो राशि दी जा रही है वो अभी भी दूसरे कर्जों के मुक़ाबले काफ़ी कम है.

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