बढ़ सकता है विमान किराया

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Image caption एक माह में दूसरी बार हवाई इंधन की क़ीमतें बढ़ी हैं

भारत में तेल कंपनियों ने हवाई ईंधन के दाम बढ़ा दिए हैं. इससे हवाई यात्रा महंगी हो सकती है.

अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल के दाम 70 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर निकलने के बाद तेल मार्केटिंग कंपनियों ने क़ीमतें बढ़ाई हैं.

हवाई ईंधन यानी एटीएफ़ के दाम एक हज़ार 662 रूपए प्रति किलो की दर से बढ़ाए गए हैं.

अब एक किलो एटीएफ़ की क़ीमत 38 हज़ार 585 रूपए तक हो गई है.

यह वृद्धि शनिवार मध्यरात्रि से लागू हो गई है. एटीएफ़ के दाम बढ़ने का असर आने वाले दिनों में महंगे हवाई किराए के रूप में दिख सकता है.

एक माह के दौरान विमान ईंधन के दाम दूसरी बार बढ़ाए गए हैं.

इससे पहले एक अगस्त को तेल कंपनियों ने एटीएफ़ की कीमतों में 585 रुपए प्रति किलो की बढ़ोत्तरी की थी.

किसी भी विमान कंपनी की परिचालन लागत में एटीएफ़ के दामों की 40 फ़ीसदी हिस्सेदारी होती है.

इसलिए दाम बढ़ने पर एयरलाइन कंपनियों पर दबाव बढ़ेगा. भारत की कई निजी एयरलाइन कंपनियाँ पहले से ही घाटे में है. इसलिए आशंका है कि एटीएफ़ की बढ़ी हुई क़ीमतों का बोझ वे यात्रियों पर डाल सकती हैं.

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