शेयर बाज़ारों में भारी गिरावट

शेयर ब्रोकर
Image caption पूरे हफ़्ते बाज़ार पर दबाव रह सकता है.

बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) के सूचकांक सेंसेक्स में सोमवार को 627 अंकों की भारी गिरावट दर्ज की गई और यह 15 हज़ार के नीचे आ गया.

अमरीकी उपभोक्ता सूचकांक के नीचे आने और आर्थिक सुस्ती की चपेट से चीन की अर्थव्यवस्था के नहीं निकल पाने की ख़बरों का असर दुनिया भर के शेयर बाज़ारों में देखा गया.

सोमावर सुबह चीन में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफ़डीआई) के आँकड़े सामने आए जिसके मुताबिक लगातार दसवें महीने वहां विदेशी निवेश में गिरावट दर्ज की गई.

इसके बाद शंघाई शेयर बाज़ार का सूचकांक पाँच फ़ीसदी से भी ज़्यादा गिर गया जिसका सीधा असर हॉंगकॉंग, ताइवान, कोरिया, जापान और भारत के शेयर बाज़ारों पर दिखाई दिया.

जापानी अर्थव्यवस्था के मंदी से उबरने की ख़बर का भी कोई असर नहीं हुआ. दरअसल शेयर बाज़ारों में अमरीकी उपभोक्ताओं का भरोसा डगमगाने की ख़बरों का नकारात्मक असर देखा गया.

विदेश निवेशकों की बिकवाली

Image caption विदेशी निवेशकों ने जम कर शेयर बेचे.

भारतीय शेयर बाज़ारों में विदेशी निवेशकों ने जम कर मुनाफ़ावसूली की जिसके कारण आम निवेशकों का भरोसा भी डगमगाया.

बीएसई के आँकड़ों के मुताबिक सोमवार को विदेशी निवेशकों ने एक हज़ार 226 करोड़ से ज़्यादा मूल्य के शेयर बेच दिए जिससे बाज़ार पर भारी दबाव आया.

सेंसेक्स 627 अंक गिर कर 14 हज़ार 785 पर बंद हुआ. आम बजट पेश होने के बाद से सेंसेक्स में यह अब तक की सबसे बड़ी गिरावट है.

भारतीय बाज़ार में आई गिरावट के पीछे घरेलू कारणों का भी असर दिखा. मॉनसून की कमजोरी से कृषि उत्पादन पर असर पड़ने की आशंका भी बाजार पर भारी पड़ी.

गिरावट इतनी तेज़ रही कि सेंसेक्स में शामिल सभी तीस नामी गिरामी कंपनियों के शेयर मूल्य नीचे आ गए.

भारतीय समयानुसार सोमवार शाम जब अमरीकी शेयर बाज़ार खुले तब वहां एक बार फिर गिरावट देखी जा रही है. डाउ जोंस डेढ़ सौ अंकों से ज़्यादा की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है.

इससे आशंका जताई जा रही है कि मौजूदा कारोबारी हफ़्ते के दौरान भारतीय शेयर बाज़ारों में और गिरावट आ सकती है.

संबंधित समाचार