यूरोप में बेरोज़गारी की दर बढ़ी

बेरोज़गारी
Image caption यूरोपीय आर्थिक क्षेत्र में डेढ़ करोड़ लोग बेरोज़गार हैं

साझा मुद्रा यूरो का इस्तेमाल करने वाले 16 यूरोपीय देशों में बेरोज़गारी की दर जुलाई में चरम पर जा पहुँची है, पिछले दस सालों में यूरोप में इतने लोग कभी बेरोज़गार नहीं रहे.

यूरोपीय आर्थिक क्षेत्र यानी यूरोज़ोन में बेरोज़गार लोगों की संख्या डेढ़ करोड़ से अधिक हो गई है, जो कि कुल रोज़गार योग्य आबादी का साढ़े नौ प्रतिशत है.

इससे पहले मई 1999 में बेरोज़गारी का आंकड़ा नौ प्रतिशत के करीब पहुँचा था.

दिलचस्प बात ये है कि जर्मनी और फ्रांस जैसे देश मंदी से आधिकारिक तौर पर बाहर निकल आए हैं उसके बाद ऐसे आंकड़े सामने आए हैं.

मिसाल के तौर पर अप्रैल और जून में फ्रांस मंदी से बाहर निकल आया है लेकिन जुलाई में वहाँ बेरोज़गारी की दर बढ़ी है. वहाँ बेरोज़गारी की दर 9.6 प्रतिशत से बढ़कर 9.8 प्रतिशत हो गई है.

बुरी हालत

यूरोप में बेरोज़गारी की दर बढ़ तो रही है लेकिन उसमें वैसी भयावह तेज़ी नहीं दिख रही है जैसी इस वर्ष के शुरू में थी.

सबसे बुरी हालत स्पेन की है जहाँ जुलाई महीने में लगभग बीस प्रतिशत लोग बेरोज़गार थे.

जानकारों का कहना है कि इस साल के अंत तक तक बेरोज़गारी के आंकड़ों में सुधार की उम्मीद नहीं है क्योंकि इस समय जो अर्थव्यवस्थाएँ संभलती दिख रही हैं उनका असर रोज़गार बाज़ार पर पड़ने में अभी समय लगेगा.

बेरोज़गारी के आंकड़े अर्थशास्त्रियों को इसलिए भी डराते हैं क्योंकि जब लोग नौकरी से बाहर होते हैं तो उपभोक्ता बाज़ार से माल ख़रीदने में सक्षम नहीं होते जिससे बाज़ार का उबरना मुश्किल हो जाता है.

इस मामले में सबसे अच्छी हालत में नीदरलैंड्स है जहाँ बेरोज़गारी की दर सिर्फ़ 3.4 प्रतिशत है.

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