एयर इंडिया का संकट जारी

Image caption यात्रियों को इस हड़ताल से काफ़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ा है.

एयर इंडिया का संकट सोमवार को भी जारी रहा जब प्रबंधन और दिल्ली-कोलकाता समूह के पायलटों की बातचीत बिना किसी नतीजे पर पहुंचे ख़त्म हो गई.

पायलटों का कहना है कि एयर इंडिया प्रबंधन ने भत्तों में कटौती की वापसी की मांग को नामंज़ूर कर दिया है.

एयर इंडिया अध्यक्ष और मैनेजिंग डायरेक्टर अरविंद जाधव ने काम पर नहीं आ रहे पायलटों से दो घंटे तक बातचीत की लेकिन निष्कर्ष कुछ नहीं निकला.

ये बातचीत मुख्य रूप से दिल्ली और कोलकाता समूह के पायलटों से हो रही थी.

इन दोनों गुटों ने रविवार को मुंबई में हुए समझौते को मानने से इंकार कर दिया है.

पायलटों के प्रतिनिधि कैप्टन वी के भल्ला ने पत्रकारों को बताया: "बातचीत बिना किसी नतीजे के ख़त्म हो गई क्योंकि प्रबंधन हमारे वेतन के भुगतान और भत्तों में कटौती की वापसी पर कोई सकारात्मक जवाब नहीं दे सका.''

रविवार को कोलकाता में हुई एक बैठक में पायलटों के एक वर्ग ने मैनेजमेंट के साथ यह समझौता किया था की उनकी भत्तों में कटौती की वापसी की मांग की जांच के लिए एक समिति गठित की जाये जिसमें उनके प्रतिनिधि भी शामिल हों.

एयर इंडिया प्रवक्ता जितेंद्र भार्गव के मुताबिक मुंबई वार्ता के बाद वहां और चेन्नई के पायलट तो काम पर वापस लौट आये हैं लेकिन दिल्ली और कोलकाता वालों को इससे ऐतराज़ है.

उन्होनें कहा की सोमवार को बातचीत कहीं नहीं पहुंच पाई लेकिन "हमें उम्मीद है कि वो हमारी बात समझ पायेंगें और हम उनकी."

एयरलाइन प्रवक्ता के अनुसार कंपनी इसके अलावा दिल्ली-मुंबई रूट पर अतिरिक्त विमान चलाएगी ताकि मंगलवार छुट्टी से वापस आने वाले पैसेंजरों को कोई दिक्कत न हो.

एयर इंडिया ने तीन दिनों से जारी इस हड़ताल के दौरान अबतक तकरीबन डेढ़ सौ उडानें कैंसल की हैं.

जितेंद्र भार्गव का कहना था कि कुल 157 एक्ज़ीक्यूटिव पायलटों में से 80 ने अपने आप को बीमार बताया था और छुट्टी पर चले गए थे लेकिन उनमें से कई वापस आ गए.

एयर इंडिया ने वित्तीय संकट का कारण बताते हुए पायलटों के भत्तों में कटौती करने का यह फ़ैसला बुधवार को घोषित किया था.

तब प्रवक्ता ने कहा था था, "पायलटों को यह समझना चाहिए कि भत्तों में यह कटौती एयर इंडिया के अस्तित्व के लिए बेहद ज़रूरी है. अगर एयर इंडिया बचेगी तभी तो हम सबका एक भविष्य भी होगा."

पायलटों के प्रतिनिधि कैप्टन वीके भल्ला ने कहा था कि पायलट बातचीत के लिए तैयार हैं लेकिन कोई भी बातचीत निष्पक्ष धरातल पर होनी चाहिए.

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