भारती-एमटीएन वार्ताएं टूटी

भारती-एयरटेल
Image caption भारती और एमटीएन के बीच एक साल से वार्ताएं चल रही थीं.

भारत की मोबाइल फ़ोन कंपनी भारती एयरटेल और दक्षिण अफ्रीका की एमटीएन के बीच समझौते की वार्ता अंतिम समय में टूट गई है.

समझौते की आखिरी तारीख के दिन भारती एयरटेल ने बयान जारी कर कहा है कि वो बातचीत से पीछे हट रहा है.

भारतीय कंपनी ने दक्षिण अफ्रीका सरकार पर आरोप लगाया है कि वो नहीं चाहते थे कि ये समझौता हो.

भारती का कहना है कि अगर दोनों कंपनियों का विलय हो जाता तो भारत, दक्षिण अफ्रीका और मध्य पूर्व में एक ऐसी कंपनी खड़ी होती जिसके बीस करोड़ ग्राहक होते.

अगर ऐसा होता तो ये दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी टेलीफ़ोन कंपनी हो जाती.

भारती और एमटीएन के बीच बातचीत साल भर पहले शुरु हुई थी लेकिन विलय के बाद कंपनी के नियंत्रण पर सहमति नहीं होने के कारण बातचीत टूटी थी. इसके बाद इस वर्ष मई में दोबारा बातचीत शुरु हुई थी.

मई में शुरु हुई वार्ताओं के ख़त्म होने और समझौते की तारीखें दो बार बढ़ाई गई तीं अब अंतिम तारीख बुधवार 30 सितंबर थी.

इस बार दक्षिण अफ्रीका सरकार ने भारतीय अधिकारियों से बात की थी और वो चाहते थे कि ऐसी दोहरी व्यवस्था बने जिससे एमटीएन विलय के बाद भी दक्षिण अफ्रीका में अपनी पहचान बरकरार रख सके. भारत में फिलहाल ऐसा कोई नियम नहीं है और सरकार इसके लिए राज़ी नहीं हुई. थी.

भारती ने उम्मीद जताई है कि दक्षिण अफ्रीकी सरकार अपने रवैय्ये को बदलेगी और आगे बातचीत करने का रास्ता खुला रखेगी.

दोनों कंपनियों का विलय नहीं होने की ख़बर आते ही दक्षिण अफ्रीकी मुद्रा के भाव कम हो गए हैं. विश्लेषकों का मानना है कि विलय नहीं होने का भारती के शेयरों पर सकारात्मक असर पड़ेगा.

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