पहली बार महिला को अर्थशास्त्र का नोबेल

एलिनोर ओस्ट्रॉम और ओलिवर विलियम्सन
Image caption एलिनोर ओस्ट्रॉम अमरीका के इंडियाना विश्वविद्यालय में अर्थशास्त्र की प्राध्यापक हैं

नोबेल पुरस्कारों के इतिहास में पहली बार एक महिला को अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार मिला है.

अमरीका की एलिनोर ओस्ट्रॉम को उन्हीं के देश के ओलिवर विलियम्सन के साथ साझा रूप से इस वर्ष का अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार देने की घोषणा की गई है.

दोनों अर्थशास्त्रियों को आर्थिक प्रशासन के क्षेत्र में किए गए योगदान के लिए ये सम्मान दिया जा रहा है. आर्थिक प्रशासन ऐसे नियम-क़ानूनों का क्षेत्र होता है जिनसे व्यक्ति कंपनियों या किसी आर्थिक व्यवस्था को संचालित करते हैं.

एलिनोर ओस्ट्रॉम इंडियाना यूनीवर्सिटी और ओलिवर विलियम्सन बर्कले विश्वविद्यालय में प्राध्यापक हैं.

नोबेल पुरस्कार छह वर्गों में दिए जाते हैं. अन्य पाँच श्रेणियों के पुरस्कारों की घोषणा पहले ही हो चुकी है.

इस वर्ष कुल 13 लोगों को नोबेल पुरस्कार दिए जाने की घोषणा की गई है जिनमें 11 अमरीकी नागरिक हैं.

इस वर्ष के सभी नोबेल विजेताओं को पुरस्कार 10 दिसंबर को दिए जाएँगे.

नोबेल पुरस्कार में हर श्रेणी में एक करोड़ स्वीडिश क्रोनर या 14 लाख 40 करोड़ डॉलर की राशि इनाम के तौर पर दी जाती है.

अर्थशास्त्र का नोबेल

Image caption प्रोफ़ेसर ओलिवर विलियम्सन बर्कले विश्वविद्यालय में अर्थशास्त्र के प्राध्यापक हैं

नोबेल पुरस्कारों की स्थापना डायनामाइट के आविष्कारक, स्वीडन के वैज्ञानिक अल्फ़्रेड नोबेल के नाम पर हुई थी.

1901 से दिए जा रहे नोबेल पुरस्कार मूलतः पाँच श्रेणियों में दिए जाते थे मगर 1968 से अर्थशास्त्र के क्षेत्र में भी नोबेल पुरस्कार दिए जाने लगे.

पुरस्कार की घोषणा करते हुए नोबेल समिति ने कहा कि प्रोफ़ेसर ओस्ट्रॉम ने ये दिखाया कि वनों, सिंचाई के साधनों और घास के खेतों जैसी प्राकृतिक और सार्वजनिक संपदाओं की व्यवस्था सरकारों और निजी कंपनियों से बेहतर इनका इस्तेमाल करनेवाले लोग करते हैं.

76 वर्षीया एलिनोर ओस्ट्रॉम ने कहा कि पुरस्कार की घोषणा से वे बिल्कुल हतप्रभ हैं.

उन्होंने कहा,"जब उन्होंने मुझे फ़ोन कर बताया तो मैं बिल्कुल चौंक गई. ऐसे बहुत सारे लोग हैं जिन्होंने बहुत-बहुत संघर्ष किया है और उनके बीच से पुरस्कार के लिए चुना जाना बहुत बड़े सम्मान की बात है."

वहीं 77 वर्षीय प्रोफ़ेसर विलियम्सन के बारे में नोबेल समिति ने कहा कि उन्होंने एक ऐसे सिद्धांत का प्रतिपादन किया जिसमें व्यवसायिक कंपनियों के सहारे संकटों का समाधान संभव था.

इस सिद्धांत में प्रोफ़ेसर विलियम्सन ने दिखाया कि कैसे किसी संकट के हल के लिए कंपनियों और बाज़ार के रास्ते बिल्कुल अलग होते हैं.

उन्होंने ये भी बताया कि अगर प्रतियोगिता सीमित हो तो कंपनियाँ किसी संकट को सुलझाने में बाज़ार से अधिक बेहतर स्थिति में रहती हैं.

प्रोफ़ेसर विलियम्सन ने कहा,"मैंने फ़ोन पर बात की और तब पता चला कि क्या बात है, इसके बाद मेरे बेटे और बहू मुझसे लिपट गए. मुझे अपनी पत्नी को सम्हालना पड़ा जो बिल्कुल हतप्रभ थी."

बीबीसी के आर्थिक मामलों की संपादक स्टेफ़नी फ़्लैंडर्स का कहना है कि इस वर्ष नोबेल समिति ने ऐसे क्षेत्र में काम करनेवालों को पुरस्कार दिया है जिनकी वैश्विक आर्थिक संकट में कोई भूमिका नहीं थी.

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