शेयर घोटाले के आरोप में छह गिरफ़्तार

Image caption राज राजारत्नम को दुनिया का सबसे धनी श्रीलंकाई व्यक्ति माना जाता है.

न्यू यॉर्क में दो भारतीय मूल के अमरीकियों समेत 6 कार्परेट जगत के मैनेजरों औऱ उच्च अधिकारियों को स्टाक मार्केट में शेयरों के बारे में गलत तरीके से जानकारी हासिल करके करोड़ों डॉलर का मुनाफ़ा कमाने के जुर्म में गिरफ़्तार कर लिया गया है.

कहा जा रहा है कि अमरीका में स्टाक मार्केट का हेज फंड कंपनियों द्वारा किए जाने वाला यह सबसे बड़ा घोटाला है.

वॉल स्ट्रीट पर हंगामा मचा देने वाले इस मामले में शुक्रवार को इलज़ाम लगाया गया है कि हेज फंड और अन्य कंपनियों के इन 6 मैनेजरों और उच्च अधिकारियों ने कई बड़ी बड़ी कंपनियों के शेयरों के बारे में गलत तरीके से जानकारी हासिल करके शेयरों को खरीदा और बेचा जिससे इन लोगों को करीब ढाई करोड़ डॉलर का अवैध फ़ायदा हुआ था.

जिन कंपनियों के शेयरों के बारे में गलत तरीके से जानकारी हासिल की गई उनमें गूगल, आई बी एम औऱ हिलटन भी शामिल हैं.

मैकेंज़ी एंड कंपनी के निदेशक अनिल कुमार औऱ इंटेल केपिटल के निदेशक राजीव गोयल समेत कुल 6 लोगों को इस धोखाधड़ी के मामले में गिरफ़्तार किया गया है. अमरीकी जांच संस्था एफ़ बी आई का कहना है कि इनमें एक बेयर स्टर्न बैंक का हेज फंड मैनेजर और आई बी एम कंपनी का एक कर्मचारी भी शामिल है.

लेकिन इस मामले का सरगना श्रींलंकाई और अमरीकी नागरिक राज राजारतनम था.

इस मामले में अदालत में दाखिल किए गए दस्तावेज़ों में एफ़ बी आई औऱ प्रतिभूति औऱ विनिमय कमीशन का कहना है कि उनके पास फ़ोन टैपिंग द्वारा हासिल किए गए सबूत हैं जिसमें गैलियन नामक एक हेज फंड कंपनी के मालिक राज राजारतनम को सन 2006 और 2008 के बीच इस धोखाधड़ी के बारे में बातचीत करते पाया गया है.

बावन साल के राजरतनम की कंपनी गैलियन के भारत समेत कई देशों में दफ़्तर हैं.

मैनहैटन के सरकारी वकील प्रीत भरारा ने कहा कि इस मामले का पर्दाफ़ाश किए जाने के बाद वॉल स्ट्रीट की आंखें खुल जानी चाहिए.

प्रीत भरारा कहते हैं, वॉल स्ट्रीट के जितने भी हेज फ़ंड औऱ कार्परेट एक्ज़ेक्यूटिव ऐसे हैं जो इस तरह के गोरखधंधे करने की सोच रहे हों उन्हें इस मामले के पर्दाफ़ाश होने के बाद होशियार हो जाना चाहिए. वह बच नहीं पाएंगे.

प्रीत भरारा का कहना था कि अब कानून लागू करने वाली संस्थाएं वित्तीय घोटालों का पता चलाने के लिए भी वैसे ही तरीके अपना रही हैं जैसे माफ़िया औऱ ड्रग् की तस्करी करने वाले गैंग का भांडाफोड़ करने के लिए अपनाए जाते हैं.

राजारतनम के वकील जिम वॉलडेन का कहना है कि उनके मुवक्किल बेगुनाह हैं औऱ वह अदालत में इन आरोपों के खिलाफ़ लड़ेंगे.

बहुत दिनों से नज़र में थे

अमरीकी जांच संस्थाओं ने राजरतनम समेत कई लोगों पर सन 2006 से ही नज़र रखी हुई थी.

इस मामले में तीन साल पहले प्रतिभूति और विनिमय कमीशन द्वारा धांधली की शिकायत के बाद ही से एफ़ बी आई ने इन लोगों पर नज़र रखना शुरू कर दिया था.

अदालती दस्तावेज़ों के मुताबिक एफ़ बी आई ने राजारतनम के ही एक कर्मचारी को अपना खबरी बना लिया था. औऱ इसी तरह सन 2007 नवंबर महीने से इस खबरी ने राज रतनम पर नज़र रखने में एफ़ बी आई की मदद की. मार्च 2008 में एफ़ बी आई ऐजेंटों ने राजारतनम का फ़ोन भी टैप करना शुरू कर दिया था.

न्यू यॉर्क स्थित केंद्रीय अदालत में मेजिस्ट्रेट जज डगलस इटन ने राजरतनम को 10 करोड़ डॉलर के मुचलके पर ज़मानत दे दी है. जबकि अभियोजन पक्ष का कहना था कि राजरतनम को ज़मानत न दी जाए क्योंकि उनके अमरीका से भाग जाने का डर है.

राजारतनम को अमरीका के अमीर लोगों में गिना जाता है. उसे अमरीका की फ़ोर्ब्स पत्रिका ने दुनिया भर के कुल 500 अमीर लोगों की सूची में भी शामिल किया था.

यह कहा जा रहा है कि राज रतनम को एफ़ बी आई की गतिविधियों की भनक लग गई थी औऱ उसने लंदन जाने के लिए एयरलाईंस का टिकट भी बुक करवा लिया था.

प्रतिभूति और विनिमय कमीशन के निदेशक रॉबर्ट खुज़ामी का कहना है, राज रतनम ने कार्परेट जगत के बड़े बड़े अधिकारियों औऱ कंपनियों के शेयरों के बारे में अंदरूनी जानकारियां रखने वालों के साथ दोस्ती की हुई थी और इन्हीं के पास से वह कंपनियों की तिमाही आमदनी और लेन देन और कंपनियों के खरीदे और बेचे जाने की खबरें हासिल करता था.

धोखाधड़ी के इस मामले को हेज फंड कंपनियों द्वारा शेयरों के बारे में गलत तरीके से जानकारी हासिल करके अवैध फ़ायदा उठाने का सबसे बड़ा मामला कहा जा रहा है.

एक अन्य केस में राजरतनम, जो श्रीलंकाई नागरिक भी हैं, पर यह भी इल्ज़ाम है कि उसने ऐसी संस्थाओं को दान में पैसे दिए जो श्रीलंकाई चरमपंथी गुट एल टी टी ई को मदद पहुंचाती थीं.

अब राज राजारतनम, अनिल कुमार औऱ राजीव गोयल समेत कुल 4 लोगों को प्रतिभूति घोटाले के इल्ज़ाम और घोटाला करने के षण्यंत्र के आरोप में 20 साल तक की कैद की सज़ा सुनाई जा सकती है.

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