दुबई की मुख्य निवेश कंपनी संकट में

दुबई की सरकारी कंपनी दुबई वर्ल्ड ने अनुरोध किया है कि जिन कंपनियों ने उसे कर्ज़ दिया है वो उसे छह महीने की अवधि और दें ताकि वो ऋण चुका सके.

दुबई में तेज़ी से हुई विकास के पीछे बहुत हद तक दुबई वर्ल्ड का ही हाथ माना जाता है.

कंपनी को पांच करोड़ नब्बे लाख डॉलर का कर्ज़ चुकता करना है. लेकिन दुबई वर्ल्ड ने आग्रह किया है कि कर्ज़ चुकाने के लिए उसे मई तक का समय दिया जाए.

विश्व में आर्थिक मंदी का कंपनी पर काफ़ी बुरा असर पड़ा है. दुबई भी आर्थिक मंदी की चपेट में है.

संकट

छह साल से तेज़ गति से विकास के बाद 2008 से वहाँ अर्थव्यवस्था डगमगाई है. इस कराण प्रॉपर्टी मार्केट में दाम गिरे हैं.

एसआईसीओ निवेश बैंक के शकील सरवर का कहना है, ये हैरान करने वाली बात है. पिछले कुछ महीनों से आ रही ख़बरों से निवेशकों को लगा था कि दुबई अपने कर्ज़दाताओं का उधार चुका पाएगा.

संयुक्त अरब अमीरात में सात स्वयं-शासित अमीरात या राज्य हैं और दुबई उनमें से एक है.

पर्यवेक्षकों का मानना है कि विदेशी पैसे और बड़ी योजनाओं पर आधारित आर्थिक मॉडल अपनाने का खामियाज़ा दुबई को भुगतना पड़ रहा है. कुछ लोगों का कहना है कि आर्थिक संकट से निपटने के लिए दुबई अबु धाबी की मदद ले सकता है.

ग्लोबाल रेटिंग एजेंसी स्टेनडर्ड एंड पूयर्स ने कहा है कि दुबई सरकार की घोषणा को डिफ़ॉल्ट यानी कर्ज़ अदा न करने के समान माना जाएगा इसलिए एजेंसी दुबई सरकार से संबंधित वित्तीय संस्थानों की रेटिंग कम कर रही है.

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