कैडबरी को क्राफ़्ट ने ख़रीदा

कडबरी
Image caption कडबरी ने इससे पहले क्राफ़्ट का प्रस्ताव ख़ारिज कर दिया था

चॉकलेट बनाने वाली मशहूर ब्रितानी कंपनी कैडबरी के बोर्ड ने अमरीकी कंपनी क्राफ़्ट की नई बोली को स्वीकार कर लिया है.

कैडबरी अब अपने शेयर धारकों से अनुरोध करेगी कि वह 840 पेन्स प्रति शेयर के प्रस्ताव को स्वीकार कर ले. इस तरह से कंपनी की क़ीमत 11.5 अरब डॉलर (लगभग 862.5 अरब रुपए) के क़रीब होगी.

बीबीसी के व्यापार संपादक रॉबर्ट पेस्टन का कहना है कि कैडबरी के शेयर धारकों को प्रति शेयर 10 पेन्स का लाभांश भी मिलेगा.

इस सौदे के साथ ही दोनों कंपनियों के बीच कई महीनों से चली आ खींचतान भी ख़त्म हो जाएगी.

जो सौदा हुआ है उसके अनुसार, 500 पेन्स नकद दिए जाएंगे और शेष राशि के बदले क्राफ़्ट के शेयर दिए जाएंगे.

ख़बरें हैं कि क्राफ़्ट कंपनी इस सौदे के लिए सात अरब डॉलर का कर्ज़ लेने वाली है.

यह सौदा तब तय हो सका है जब क्राफ़्ट ने अपनी बोली में बड़ी बढ़ोत्तरी की है. इससे पहले क्राफ़्ट ने जो बोली लगाई थी उसे कडबरी के बोर्ड ने ख़ारिज कर दिया था.

इससे पहले क्राफ़्ट ने 761 पेन्स प्रति शेयर की क़ीमत लगाई थी जिससे कि कैडबरी का मूल्य 10.5 अरब डॉलर बैठता था. तब कैडबरी के चेयरमैन रोजर कार ने कहा था कि वे 'कैडबरी को सस्ता ख़रीदना चाहते' हैं.

जब पिछले साल जब क्राफ़्ट ने पहली बार कैडबरी को ख़रीदने में दिलचस्पी दिखाई थी तो कैडबरी की यूनियन और कर्मचारियों ने इसका विरोध किया था. उन्हें आशंका थी कि इस सौदे के बाद दुनिया भर में कैडबरी के 40 हज़ार कर्मचारियों की नौकरियाँ चली जाएँगीं.

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि संभावना है कि क्राफ़्ट समरडेल और बॉर्नविले की फ़ैक्ट्रियों में कोई कटौती नहीं करेगी लेकिन हो सकता है कि कैडबरी के अक्सब्रिज स्थित मुख्यालय में कुछ नौकरियाँ जाएँ.

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