चीन ने अमरीकी आरोप ख़ारिज किए

चीन की मुद्र युआन
Image caption चीन ने कहा युआन की दर उचित और संतुलित है

चीन ने अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की उस धमकी को ख़ारिज किया है जिसमें उन्होंने मुद्रा और व्यापार के मुद्दों पर चीन के साथ कड़ी नीति अपनाने की बात कही थी.

अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा था कि वे सुनिश्चित करेंगे कि चीन का बाज़ार अमरीकी निर्यात के लिए खुला रहे.

चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मा झाओक्षू ने राष्ट्रपति ओबामा के आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि चीन की मुद्रा युआन के एक्सचेंज रेट के कारण उसे डॉलर के ख़िलाफ़ अनुचित लाभ नहीं मिल रहा है.

उनका कहना था, "फ़िलहाल...युआन की दर उचित और संतुलित है. ग़लत आरोपों और दबाव से समस्या नहीं सुलझ सकती है."

महत्वपूर्ण है कि दिसंबर में चीन अपने व्यापार के जो आंकड़े सार्वजनिक किए हैं उनके मुताबिक चीन के विश्व का सबसे बड़ा निर्यातक बनने और जर्मनी को पीछे छोड़ देने की संभावना है.

ताइवान, दलाई लामा का मसला

बुधवार को राष्ट्रपति ओबामा ने कहा था कि वे चीन और अन्य देशों पर लगातार दबाव बनाएँगे ताकि वे वाणिज्य समझौतों को लागू करें.

अमरीकी कंपनियाँ लंबे समय से शिकायत करती आई हैं चीन अपनी मुद्रा का अवमूल्यन करता है जिससे विश्व भर में उसके निर्यात लगातार बढ़ते रहें.

डेमोक्रेटिक पार्टी के सीनेटर्स की एक बैठक में राष्ट्रपति ओबामा ने कहा था, "हम वर्तमान नियमों का सख़्ती से पालन करने, चीन और अन्य देशों पर द्विपक्षीय समझौतों के तहत बाज़ार खोलने के लिए लगातार दबाव बनाए रखने का रुख़ अपना रहे हैं."

उनका कहना था, "मैं नहीं चाहता कि हम एक देश के तौर पर या राजनीतिक दल के तौर पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा से पीछे हटें ."

ग़ौरतलब है कि अमरीका और चीन के बीच तनाव तब से बढ़ रहा है जब से अमरीका ने ताइवान को हथियार बेचने की योजना सार्वजनिक की है और जब से तिब्बत के निर्वासित नेता दलाई लामा का अमरीका जाना चर्चा में आया है.

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