महंगाई के मुद्दे पर मुख्यमंत्रियों की बैठक

महंगाई की मार झेल रहे भारत में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने शनिवार को दिल्ली में देश के सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक बुलाई है.

इस बैठक में प्रधानमंत्री अलग अलग राज्यों के मुख्यमंत्रियों से इस मसले पर बातचीत करेंगे कि देश में महंगाई की विकट होती स्थिति से कैसे निपटा जा सकता है.

हालांकि बैठक से पहले ही अहम राज्य उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती स्पष्ट विरोध जताते हुए कह चुकी हैं कि जबतक केंद्रीय कृषि एवं खाद्यान्न मंत्री शरद पवार अपने पद से इस्तीफा नहीं देते हैं, वो किसी भी बैठक में हिस्सा नहीं लेंगी.

उनका कहना है कि शरद पवार देश में बढ़ती महंगाई की स्थिति से निपट पाने और हालात को संभाल पाने में विफल रहे हैं और ऐसे में उनका मंत्रिपद पर बने रहने का कोई औचित्य नहीं बनता.

शनिवार की बैठक से पहले शुक्रवार को कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में भी महंगाई का मुद्दा छाया रहा था.

कार्यसमिति की बैठक के बाद कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ भी महंगाई के मुद्दे पर राय ली गई और कांग्रेस पार्टी ने महंगाई से लड़ने की अपनी रणनीति को और स्पष्ट किया है.

केंद्र में सत्ताधारी कांग्रेस के लिए बजट से पहले आम आदमी को महंगाई की स्थिति से निपट पाने में सक्षम होने के संकेत देना ज़रूरी हो गया है. देश के आम बजट को केवल तीन सप्ताह बाकी है.

शुक्रवार की बैठक में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा था कि उनकी सरकार महंगाई से निपटने के सभी संभव प्रयासों में लगी हुई है.

वहीं केंद्रीय वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी ने भी कहा है कि महंगाई की स्थिति पर जल्द ही नियंत्रण किया जा सकेगा और हालात सामान्य हो सकेंगे.

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