चीनी, आलू, दाल के भाव आसमान पर

महँगाई पर प्रदर्शन
Image caption महँगाई के ख़िलाफ़ प्रदर्शन भी हो रहे हैं

इस साल जनवरी में महँगाई दर रिजर्व बैंक के अनुमानों से आगे निकलती हुई 8.56 फ़ीसदी हो गई.

इससे पिछले महीने दिसंबर में यह 7.3 फ़ीसदी थी.

रिजर्व बैंक ने चालू वित्त वर्ष में महँगाई दर अधिकतम साढ़े आठ फ़ीसदी जाने का अनुमान जताया था.

नए साल के पहले महीने में पिछले साल जनवरी के भाव से तुलना की जाए तो चीनी के दाम 59 फ़ीसदी बढ़े. आलू भी 54 फ़ीसदी महँगा हुआ और दाल के दाम में भी 45 फ़ीसदी की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई.

अगर दिसंबर से तुलना की जाए तो महज एक माह में मसूर दाम के दाम प्रति किलो लगभग चार रूपए और अरहर दाल के दाम लगभग तीन रुपए प्रति किलो बढ़ गए.

कई तरह के ईंधनों के दाम भी बढ़े और ईंधन सूचकांक 1.8 फ़ीसदी बढ़ा.

पिछले महीने ही रिजर्व बैंक ने महँगाई कम करने के लिए नकद आरक्षी अनुपात (सीआरआर) बढ़ा दिया था ताकि बाज़ार में नकदी कम किया जाए.

हालाँकि कुछ विश्लेषक मानते हैं कि अभी महँगाई इसलिए नहीं है कि लोगों के पास ज़्यादा पैसे आ गए हैं बल्कि इसका कारण आपूर्ति में आ रही समस्याएँ हैं.

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