विकास दर सात फ़ीसदी से ज़्यादा रहने की उम्मीद

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Image caption परिषद ने बढ़ते राजकोषीय घाटे पर चिंता जताई है.

प्रधानमंत्री के आर्थिक सलाहकार परिषद ने चालू वित्त वर्ष के दौरान आर्थिक विकास दर (जीडीपी) 7.2 फ़ीसदी रहने की उम्मीद जताई है.

परिषद के चेयरमैन सी रंगराजन ने कहा है अगले साल तक विकास दर आठ फ़ीसदी का आँकड़ा भी पार कर सकती है.

उन्होंने मौजूदा आर्थिक स्थिति पर जारी एक रिपोर्ट में कहा है, "हम शुरुआती अनुमान लगा रहे हैं कि वर्ष 2010-11 में भारत की आर्थिक विकास दर नौ फ़ीसदी रहेगी और उसके अगले साल यह नौ फ़ीसदी से ज़्यादा हो जाएगी."

इससे पहले पिछले वर्ष अक्तूबर में आर्थिक सलाहकार परिषद ने सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि दर साढ़े छह फ़ीसदी से ज़्यादा रहने की संभावना जताई थी.

मौजूदा अनुमान उस आँकड़े से कहीं ज़्यादा है. लेकिन साथ ही ताज़ा रिपोर्ट में बढ़ते राजकोषीय और राजस्व घाटे पर चिंता जताई गई है.

सलाहकार परिषद ने स्पष्ट किया है कि इस तरह के घाटे का बोझ ज़्यादा नहीं ढोया जा सकता.

ये चेतावनी इसलिए अहम है कि अगले सप्ताह वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी बजट पेश करने वाले हैं और इसमें आर्थिक सुस्ती के समय दिया गया प्रोत्साहन पैकेज वापस लेने की शुरुआत हो सकती है.

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