उद्योग जगत बजट से ख़ुश

अमित मित्रा
Image caption उद्योग जगत ने बजट का स्वागत किया है

भारतीय उद्योग जगत ने वर्ष 2010-11 के आम बजट का स्वागत किया है और इसे संतुलित और प्रगतिशील बजट क़रार दिया है.

भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग परिसंघ (फ़िक्की) के सचिव अमित मित्रा का कहना है कि इस बजट से कंपनियों को राहत मिलेगी.

बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा, "इस बजट में कुछ रियायतें वापस ली गई हैं और कुछ नया बोझ भी डाला गया है, फिर भी यह एक अच्छा बजट है."

हालांकि उद्योग जगत ने एक्साईज़ ड्यूटी को आठ प्रतिशत से बढ़ाकर 10 प्रतिशत करने पर नपीतुली प्रतिक्रिया भी दी है.

बजट पर भारती टेलिकॉम के वाइस चेयरमैन राजन भारती मित्तल का कहना था, "बजट में आधारभूत ढांचे और उर्जा क्षेत्र पर काफ़ी ध्यान दिया गया है, जिससे विकास के लिए ढेर सारा पैसा आएगा."

सभी क्षेत्रों को अहमियत

राजन भारती मित्तल का कहना था कि कुल मिलाकर आर्थिक गाड़ी को पूरी गति से दौड़ाने की अच्छी तैयारी है.

फ़िक्की के कृषि मामलो के अध्यक्ष और बाटा के चेयरमैन पीएम सिन्हा ने ग्रामीण भारत पर बजट की दरयादिली को उद्योग जगत के लिए बेहतर बताया है.

टाटा के एक उद्यम जुस्को के प्रबंध निदेशक संजीव पॉल ने भी बजट की तारीफ़ की.

उनका कहना है, "राष्ट्र के लिए यह एक संतुलित और प्रगतिशील बजट है. अधिक निजी पूंजीनिवेश को बढ़ावा देने की वकालत करना इस बात का संकेत है कि सरकार निवेश की रुकावटों को दूरे करने की कोशिश कर रही है."

पुंज लियोड ग्रुप के चेयरमैन अतुल पुंज का कहना है कि सरकार ने सभी क्षेत्रों को अहमियत दी है.

उनके अनुसार बजट में ऊर्जा, सड़क, रेलवे और अक्षय ऊर्जा पर ख़ासा ध्यान दिया गया है.

अपोलो म्युनिख हेल्थ केयर की निदेशक शोबाना कामिनी का कहना है कि यह बजट घेरलू अर्थव्यवस्था के लिए बहुत ही अच्छा है.

उनके अनुसार आयकर सीमा को बढ़ाना एक अच्छा क़दम है और इससे लोगों के पास ख़र्च करने के लिए अधिक पैसा आएगा.

संबंधित समाचार