गूगल को चीन की कड़ी चेतावनी

Image caption गूगल को चीन सरकार के कोप का सामना है

चीन सरकार ने इंटरनेट कंपनी गूगल को चेतावनी दी है कि यदि उसने चीनी क़ानूनों की अवहेलना जारी रखी तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे.

उल्लेखनीय है कि गूगल ने जनवरी में खुला ऐलान किया था कि वह सेंसरशिप के चीनी क़ानूनों का पालन नहीं करेगी. गूगल के अधिकारियों ने कहा था कि भले ही उसे google.cn वेब पोर्टल बंद कर देना पड़े, लेकिन अब वह चीनी सेंसरशिप को सहन नहीं करेंगे.

गूगल ने अपने पोर्टल पर साइबर हमलों में सरकार की मिलीभगत का भी आरोप लगाया था.

अब चीन सरकार ने गूगल पर पलटवार किया है. सूचना और प्रौद्योगिकी मंत्री ली आईझोंग ने कहा, "हमें अपने राष्ट्रीय हितों की और अपने लोगों के हितों की रक्षा करनी ही होगी. हम वैसी किसी भी सूचना को सहन नहीं कर सकते जो कि हमारी व्यवस्था, चीनी समाज की स्थिरता और हमारे युवाओं के स्वास्थ्य के लिए नुक़सानदेह हो."

अपना कड़े तेवर को खुल कर ज़ाहिर करते हुए मंत्री ने कहा, "इसमें कोई संदेह नहीं कि जिसे बंद करने की ज़रूरत होगी उसे हम बंद करेंगे, जिसे बाधित किया जाना है उसे बाधित करेंगे."

विवाद और कारोबार

गूगल ने 2006 में चीन में अपना व्यवसाय फैलाया था. तब आलोचकों ने गूगल पर चीन सरकार से मिलीभगत का आरोप लगाया था. गूगल ने चीन में सेंसरशिप की बात स्वीकार की थी, लेकिन कहा था कि जनहित में उसे चीन में कुछ समझौते करने पड़े.

तमाम आलोचनाओं के बाद भी तीन वर्षों तक गूगल ने चीन में अपेक्षाकृत शांतिपूर्वक अपना धंधा फैलाया. लेकिन इस साल जनवरी में तब मामला बिगड़ गया जब गूगल को पता चला कि कुछ चीनी मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के गूगल खातों पर साइबर हमले किए गए हैं.

उसके बाद के हफ़्तों में चीन सरकार और गूगल की बातचीत होती रही है कि कैसे सेंसरशिप को स्वीकार किए बिना कंपनी चीनी क़ानून का पालन कर सकती है. गूगल के अधिकारियों ने उम्मीद व्यक्त की थी कि कोई बीच का रास्ता ज़रूर ही निकलेगा.

चीनी सूचना और प्रौद्योगिकी मंत्री ली आईझोंग के ताज़ा बयान से तो यही लगता है दोनों पक्षों के बीच मतभेद बहुत ज़्यादा हैं.

आईझोंग ने कहा, "मैं उम्मीद करता हूँ कि गूगल चीन के नियम-क़ानूनों का सम्मान करेगा. लेकिन यदि आप ऐसा नहीं करते, तो इसका मतलब होगा कि आपका व्यवहार दोस्ताना नहीं है, आप ग़ैरज़िम्मेदार हैं और इसलिए आपको परिणाम भुगतना होगा."

ली आईझोंग ने कहा कि गूगल चीन में रहे या नहीं, इसका चीन में इंटरनेट के फलने-फूलने पर कोई असर नहीं पड़ेगा. उनकी बात में थोड़ा दम भी है क्योंकि चीन के सर्च इंजन बाज़ार में गूगल अब भी बहुत पीछे है. चीन की स्थानीय कंपनी बाइडू का सर्च इंजन कारोबार के 60 प्रतिशत बाज़ार पर क़ब्ज़ा है.

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