महँगाई को फिर मिली हवा

महँगाई

महंगाई एक बार फिर लगभग दस फ़ीसदी के स्तर को छूने लगी है.

आवश्यक खाद्य उत्पादों की कीमतों में लगातार तेजी और बजट के बाद पेट्रोलियम कीमतों में वृद्धि कारण सामान्य मुद्रास्फीति फ़रवरी में 9.89 फीसदी पर पहुँच गई जो 16 माह में महँगाई की उच्चतम दर है.

थोकमूल्य सूचकांक पर आधारित मुद्रास्फीति में फ़रवरी में 1.34 फीसदी का उछाल आया है.

उल्लेखनीय है कि भारतीय रिजर्व बैंक ने अपनी पिछली नीतिगत समीक्षा में कहा था कि मार्च तक मुद्रास्फीति 8.5 फीसदी के स्तर पर होगी.

लेकिन जनवरी में ही महँगाई दर ने इस अनुमान को पार कर लिया. बजट में कच्च तेल पर आयात शुल्क और पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क बढ़ाने से पेट्रोलियम उत्पादों के दाम बढ़ गए हैं.

विश्लेषकों का मानना है कि मुद्रास्फीति के दबाव में आरबीआई अप्रैल में नीतिगत ब्याज दरें बढ़ा सकता है.

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