शेयर बाज़ार दो साल के सर्वोच्च स्तर पर

Image caption चौथी तिमाही में अच्छे नतीजों की संभावना से निवेश बढ़ा है.

वैश्विक आर्थिक सुस्ती के ख़त्म होने के साथ ही दुनिया भर के शेयर बाज़ारों में भी तेजी का सिलसिला जारी है.

आर्थिक गतिविधियों में आई तेजी का असर भारतीय शेयर बाज़ार पर भी दिखाई दे रहा है और बुधवार को शुरुआती कारोबार में ही बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का संवेदी सूचकांक सेंसेक्स दो साल के सर्वोच्च स्तर पर पहुँच गया.

बाज़ार खुलते ही 18 हज़ार के मनोवैज्ञानिक स्तर से ऊपर निकल गया. इससे पहले फ़रवरी 2008 में सेंसेक्स 18 हज़ार से ऊपर था.

इसका कारण ये है कि चौथी तिमाही में कंपनियों के अच्छे नतीजे की संभावना के बीच विदेशी और घरेलू निवेशकों की ओर से शेयर बाज़ार में ख़रीदारी तेज हो गई है.

एशियाई, यूरोपीय और अमरीकी शेयर बाज़ारों में तेज़ी का असर भी सेंसेक्स पर पड़ा है.

अमरीकी सूचकांक डाऊ जोंस लगभग 11 हज़ार अंकों के आस-पास कारोबार कर रहा है. वहीं यूरोप में ब्रिटेन का फुटसी, जर्मन कैक और एशिया में ताइवान, हॉंगकॉंग और जापान के शेयर बाज़ारों में भी लगातार तेजी दर्ज की जा रही है.

इस साल के बजट में विकास दर सात फ़ीसदी से ऊपर निकलने के पूर्वानुमान और कर दरों में कोई ख़ास बदलाव नहीं होने से शेयर बाज़ार को नई गति मिली है.

भारत के निर्यात आँकड़े भी सकारात्मक हो गए हैं और आईटी सेक्टर को भी विदेशी ऑर्डर मिलने शुरु हो गए हैं.

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