ब्रिक देश वित्तीय सहयोग बढ़ाएंगे

ब्रिक देशों के नेता
Image caption चीन में आए भूकंप के कारण राष्ट्रपति हू जिनताओ को बैठक को बीच में छोड़ना पड़ा

ब्राज़ील की राजधानी ब्रासिलिया में भारत, रूस, चीन और ब्राज़ील के समूह ब्रिक की एक दिन की बैठक खत्म हो गई है और चारों देशों ने एक समझौते पर हस्ताक्षर किया है.

इस समझौते में चारों देशों के विकास बैंकों के बीच सहयोग की बात की गई है.

चीन में आए भूकंप के कारण राष्ट्रपति हू चिंताओ को बैठक बीच में ही छोड़ कर जाना पड़ा और बैठक को बीच में ही रोकना पड़ा.

इस भूकंप में कम से कम 600 लोगों की मौत की ख़बर है.

ब्रिक समूह के देश आपसी व्यापार को बढ़ाने और बड़े वित्त संस्थाओं जैसे अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष में ज़्यादा भूमिका की मांग कर रहे हैं.

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि ये समूह किसी संकट की वजह से नहीं बना है और वैश्विक आर्थिक संकट की वजह से इसकी प्रासंगिकता पहले से ज़्यादा बढ़ गई है.

उन्होंने मूलभूत सुविधाओं, विज्ञान और तकनीक जैसे विषयों में सहयोग की बात की.

उन्होंने कहा, “हम चार देशों में बड़ी जनसंख्याएँ रहती हैं और हम सभी तेज़ रफ़्तार से विकास चाहते हैं. हम ऐसा वातावरण चाहते हैं जहाँ विकास लक्ष्यों को पूरा किया जा सके.”

उधर रूस के राष्ट्रपति दिमित्री मेदवेदेव ने कहा कि ब्रिक संगठन का हिस्सा बनने से रूस को फ़ायदा पहुँचा है.

उन्होंने कहा कि आतंकवाद से युद्ध में भी इस संगठन का महत्वपूर्ण योगदान रहा है.

इब्सा

गुरूवार को ब्राज़ील, भारत और दक्षिण अफ़्रीका के संगठन इब्सा ने अपनी चौथी वार्षिक बैठक बुलाई.

तीनों देशों के नेताओं ने फ़लस्तीनी विदेश मंत्री रियाद मलकी से मुलाकात की और इसराइल के साथ शांति समझौते को शुरू करने पर ज़ोर दिया.

उन्होंने दो अलग राष्ट्रों को बनाने की बात की और कहा कि दोनो की राजधानी पूर्वी येरूशलम हो.

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