बैंकों पर कर लगाया जाए: आईएमएफ़

आईएमएफ़
Image caption अंतरराष्ट्रीय मुद्दा कोष कड़े आर्थिक क़दम उठाने का पक्षधर है

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ़) ने वित्तीय संस्थानों पर नए कर लगाने को कहा है ताकि ज़रूरत पड़ने पर उन्हें आर्थिक संकट से उबारा जा सके.

बीबीसी ने ग्रुप 20 देशों की बैठक के लिए तैयार किया गया दस्तावेज़ हासिल किया है.

इसमें मुद्रा कोष ने कहा कि ये कर सभी वित्तीय संस्थानों अदा करना चाहिए और इसको भविष्य में समायोजित किया जा सकता है.

आईएमएफ़ का सुझाव है कि मुनाफ़े और कर्मचारियों के वेतन पर और कर लगाया जा सकता है.

मुद्रा कोष चाहता है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ये क़दम उठाया जाना चाहिए.

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि ये क़दम उम्मीद से कहीं ज्यादा क्रांतिकारी है.

उल्लेखनीय है कि इसके पहले अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने कहा था कि इस वर्ष विश्व की अर्थव्यवस्था में 3.9 प्रतिशत का विकास होगा जो अपेक्षा से अधिक है.

संस्था ने कहा था कि विकसित देशों में आर्थिक विकास की गति धीमी रहेगी लेकिन चीन-भारत जैसी उभरती अर्थव्यवस्थाओं में तेज़ी से विकास होगा.

आईएमएफ़ के अनुसार चीन की अर्थव्यवस्था में इस वर्ष 10 प्रतिशत और भारत में इस वर्ष 7.7 प्रतिशत का विकास होगा.

लेकिन संस्था ने चेतावनी भी दी थी कि बेरोज़गारी के बढ़ने और अर्थव्यवस्थाओं को मज़बूत रखने के लिए ख़र्च किए जानेवाले सरकारी पैकेजों को हटा लेने से आर्थिक सुधार पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है.

संबंधित समाचार