बैंकिंग बिल सीनेट में पारित

बराक ओबामा
Image caption बराक ओबामा ने कहा है कि विधेयक को रोकने की बैंकरों की कोशिशें नाकाम हो गई हैं

अमरीकी सीनेट ने वित्तीय सुधार विधेयक को पारित कर दिया है. इसके पक्ष में 59 और विपक्ष में 39 वोट पड़े.

कहा जा रहा है कि इसकी मदद से अमरीका में 1930 की आर्थिक मंदी के बाद सें बैंकिंग के क्षेत्र में सबसे बड़ा परिवर्तन हो सकेगा और बैंकों के कामकाज पर निगरानी बढ़ सकेगी.

लेकिन इसको क़ानून बनाने के लिए अभी संसद के निचले सदन या हाउस ऑफ़ रिप्रेज़ेंटेटिव्स से भी पारित करवाना होगा.

राष्ट्रपति बराक ओबामा ने वित्तीय सुधारों को अपनी सबसे बड़ी घरेलू नीति बना रखा है और इस विधेयक के पारित हो जाने को ओबामा की जीत माना जा रहा है.

उन्होंने कहा है कि वॉल स्ट्रीट के व्यावसायियों ने इस विधेयक को रोकने की कोशिशें कीं लेकिन वे विफल रहे.

जो लोग इस क़ानून का विरोध कर रहे थे उनका कहना है कि इससे मुनाफ़ा कम होगा, जबकि इसका समर्थन करने वालों का कहना है कि इसकी मदद से वर्ष 2008 की तरह बैंकों पर आए संकट की पुनरावृत्ति रोकी जा सकेगी.

बैंकों पर आए संकट से ही अमरीका में आर्थिक मंदी की शुरुआत हुई थी.

स्वागत

राष्ट्रपति बराक ओबामा ने इस विधेयक पर मिले समर्थन का स्वागत किया है.

ओबामा ने कहा कि अब अमरीकी लोगों को वॉल स्ट्रीट की ग़लतियों के लिए कभी खामियाज़ा नहीं भुगतना पड़ेगा.

उनका कहना था कि बैंकरों ने इस बिल को रोकने की काफ़ी कोशिश की पर सफल नहीं हो सके.

राष्ट्रपति ने कहा, “आर्थिक जगत ने वित्तीय निगरानी से संबंधित सुधारों को रोकने की कोशिश की- उन्होंने लॉबिंग करने वालों का सहारा लिया और लाखों डॉलर के विज्ञापन दिए. लेकिन आज ये कोशिशें नाकाम हो गई हैं.”

अगर निचले सदन से भी यह विधेयक पारित हो जाता है तो बैंकिंग जगत पर निगरानी और कड़ी हो जाएगी.

इस बिल में रिपब्लिकन पार्टी के लोग बाधा डालते रहे हैं जो कुछ बदलाव करवाने में सफल रहे.

वॉल स्ट्रीट के वित्तीय कामकाजों पर निगरानी रखने को लेकर आम लोगों में काफ़ी समर्थन है.

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