यूरो का असर पूरी दुनिया के बाज़ारों पर

बीएसई
Image caption बीएसई कारोबार के दौरान एक समय 332 अंक गिरा और फिर 74 अंकों की गिरावट के साथ बंद हुआ

ग्रीस में आर्थिक संकट के कारण यूरोपीय संघ के 16 देशों की मुद्रा यूरो की कीमत गिरने से भारत, जापान और अमरीका के शेयर बाज़ार लुढ़के हैं.

उधर जर्मनी की संसद के निचले सदन ने ग्रीस को दिए जाने वाले यूरो पैकेज में देश के 750 अरब यूरो के हिस्से को मंज़ूरी दे दी है.

यूरोपीय देशों के वित्त मंत्री शुक्रवार को ब्रस्ल्स में बैठक कर रहे हैं ताकि अन्य यूरोपीय देश ग्रीस जैसे संकट का शिकार न बनें.

अमरीकी वित्त मंत्री टिम गेथनर ने घोषणा की है कि वे अगले हफ़्ते ब्रिटेन और जर्मनी जाकर यूरोप की आर्थिक स्थिति और वित्तीय स्थिरता कायम करने के प्रयासों पर चर्चा करेंगे.

पहले अमरीका का डाओ जोन्स, जापान का निक्कई और फिर भारत का बीएसई सूचकांक इस उथल-पुथल के चलते लुढ़का है.

बीएसई, निक्कई, डाओ जोन्स लुढ़के

गुरुवार को डाओ जोन्स में 376 अंकों की गिरावट दर्ज हुई और शुक्रवार सुबह जापान का निक्कई अपने पाँच महीने के सबसे निचले स्तर पर था.

शुक्रवार को निक्कई 2.5 प्रतिशत नीचे गिरकर बंद हुआ.

यूरो की गिरती कीमत के कारण जापान में आशंका जताई जा रही है कि जापान के निर्यात को इससे धक्का लगेगा.

दिन के कारोबार में एक समय तो निक्कई सूचकांक तीन प्रतिशत तक गिर गया था.

शुक्रवार को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज में शुरुआती कारोबार में ही भारी गिरावट आई.

भारी बिक्री के चलते बीएसई सूचकांक एक समय तो 332 अंकों तक गिरा. गुरुवार को बीएसई सूचकांक में 111 अंकों की वृद्धि हुई थी.

शुक्रवार को कारोबार के अंत तक बीएसई पर 74 अंकों की गिरावट आई थी.

'संसद से पहले बजट ईयू पढ़े'

पिछले कई दिनों की आर्थिक उथल-पुथल के कारण यूरोपीय संघ के देशों के वित्त मंत्री ग्रीस के आर्थिक संकट का जायज़ा लेने के लिए शुक्रवार को ब्रस्ल्स में मिल रहे हैं.

ग्रीस के आर्थिक संकट के कारण यूरो मुद्रा में ख़ासी गिरावट आई है.

इस संकट के कारण विभिन्न यूरोपीय देशों की अर्थव्यवस्थाओं के बीच आर्थिक तनाव भी सामने आया था.

वित्त मंत्रियों की बैठक के दौरान विभिन्न सुझावों में से एक ये भी है कि यूरोपीय संघ विभिन्न देशों के बजट का निरीक्षण राष्ट्रीय संसद में उसे पेश किए जाने से पहले करे.

ये भी सुझाव है कि जिन देशों का वित्तीय घाटा ख़ास बढ़ जाता है उन्हें यूरोपीय संघ से मदद दिए जाने पर रोक लगाई जाए.

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