अंबानी बंधुओं के बीच समझौता

Image caption दोनों ही गुटों ने सौहार्द और सहयोग के माहौल में काम करने का फ़ैसला किया है.

अंबानी बंधुओं ने सभी मतभेद भुलाकर एक दूसरे के साथ सौहार्द और सहयोग के माहौल में काम करने का फ़ैसला किया है.

मुकेश और अनिल अंबानी के बीच एक दूसरे के व्यापार के साथ प्रतिस्पर्धा नहीं करने के लिए 2006 में हुए सभी समझौतों को ख़त्म करने का समझौता किया है.

दोनों ही गुटों में गैस चालित बिजली उत्पादन के क्षेत्र में ये समझौता अभी भी जारी रहेगा.

कुछ ही दिनों पहले सुप्रीम कोर्ट ने दोनों भाइयों के बीच चल रहे गैस विवाद में अनिल अंबानी को किसी भी तरह की राहत देने से इंकार किया था.

मुकेश अंबानी की तरफ़ से जारी एक बयान में कहा गया है कि, “आरआईएल (मुकेश) और आरएनआरएल (अनिल) सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत गैस आपूर्ति की व्यवस्था के लिए जल्द ही बातचीत शुरू करके किसी समझौते पर पहुंचेंगे.”

अनिल अंबानी समूह की तरफ़ से ये भी कहा गया कि एक दूसरे के साथ प्रतिस्पर्धा नहीं करने के मौजूदा समझौते के रद्द होने से दोनों ही गुटों को तेल, गैस, पेट्रोकेमिकल, टेलीकॉम, और बिजली जैसे तेज़ी से विकास वाले क्षेत्रों में और खुलकर भाग लेने का मौका मिलेगा.

पृष्ठभूमि

कुछ ही दिनों पहले प्राकृतिक गैस के मूल्य निर्धारण को लेकर अंबानी बंधुओं में चल रही खींचतान पर सुप्रीम कोर्ट ने अपना फ़ैसला सुनाया था जिसमें कहा गया कि गैस का मूल्य का तय करने का अधिकार सिर्फ़ सरकार के पास है.

अदालत के इस निर्णय को मुकेश अंबानी के हक़ में माना गया क्योंकि सरकार जो भी मूल्य निर्धारित करेगी वह दोनों भाइयों के बीच हुए एक पारिवारिक समझौते से काफ़ी अधिक होगा.

अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस नेचुरल रिसोर्सेज़ का मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज़ से गैस ख़रीदने के लिए एक पारिवारिक समझौता हुआ था.

Image caption सुप्रीम कोर्ट का फ़ैसला मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज़ के हक़ में गया था.

उस समझौते के मुताबिक अनिल अंबानी की कंपनी को मुकेश अंबानी की कंपनी से 2.34 डॉलर प्रति मिलियन यूनिट के हिसाब से 17 साल तक प्राकृतिक गैस उपलब्ध करवाई जानी थी.

ये मूल्य 4.20 डॉलर प्रति मिलियन यूनिट से काफ़ी कम था, जिसे सरकार ने वर्ष 2006 में निर्धारित किया था.

रिलायंस नेचुरल रिसोर्सेज़ के मालिक अनिल अंबानी ने सरकारी मूल्य को मानने से ये कहते हुए इनकार कर दिया था कि उनका गैस के मूल्य को लेकर एक पारिवारिक समझौता है और वो उसी का पालन करेंगे.

अदालत ने अपने निर्णय में कहा है कि ये पारिवारिक समझौता तकनीकी और क़ानूनी तौर पर रिलायंस इंडस्ट्रीज़ को बाध्य नहीं करता.

अदालत ने दोनों भाइयों से कहा है कि वे दोबारा बातचीत करके छह सप्ताह के भीतर किसी समझौते पर पहुँचें.

मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज़ ने कृष्णा-गोदावरी बेसिन में भारत के सबसे बड़े गैस भंडार की खोज की है जिससे भारत में प्राकृतिक गैस का उत्पादन क़रीब दोगुना हो सकता है.

उधर अनिल अंबानी उत्तर प्रदेश के दादरी में गैस पर आधारित पॉवर प्लांट स्थापित करना चाहते हैं जिसके लिए उन्होंने गैस ख़रीदने का एक पारिवारिक समझौता मुकेश अंबानी के साथ किया था.

अब दोनों भाई सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार बातचीत शुरू करेंगे और किसी समझौते पर पहुंचेंगे.

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