'टॉप किल' से रिसाव रोकने की कोशिश

Image caption एक अनुमान के अनुसार रोज़ाना आठ लाख लीटर तेल समुद्र में रिस कर आ रहा है

तेल कंपनी बीपी मेक्सिको की खाड़ी में एक महीने से भी ज़्यादा समय से जारी तेल रिसाव को बंद करने की एक और पहल करेगी.

बीपी की इस नई कोशिश का नाम है- 'टॉप किल'.

इसके तहत समुद्र में रोज़ाना कम-से-कम आठ लाख लीटर तेल फेंक रहे बीपी के तेल कुएँ में कीचड़ और रसायनों का एक मिश्रण डाला जाएगा जिसे 'ड्रिलिंग मड' कहा जाता है. यदि कुएँ के मुँह में ड्रिलिंग मड भरने में सफलता मिलती है तो बाद में उसके ऊपर कंक्रीट की ढलाई कर दी जाएगी.

सतह से डेढ़ किलोमीटर नीचे समुद्र तल में स्थित कुएँ में ड्रिलिंग मड भरने का काम आसान नहीं होगा.

इससे पहले तेल कुएँ पर लोहे की भारी-भरकम कुप्पी डालने समेत तेल रिसाव रोकने या सीमित करने के बीपी के सारे प्रयास नाकाम हो चुके हैं.

समुद्र की इतनी गहराई में टॉप किल प्रक्रिया इससे पहले कभी नहीं अपनाई गई है, इसलिए कई विशेषज्ञ इसकी सफलता की संभावना 50 प्रतिशत ही मान रहे हैं.

ख़तरा

टॉप किल की कोशिश में ख़तरा ये है कि यदि इसमें बीपी को सफलता नहीं मिली तो रिसाव की स्थिति और बिगड़ सकती है. इसीलिए बीपी अपनी इस पहल से पूर्व सारे परीक्षण कर लेना चाहती है.

बीपी के तेल कुएँ का ये संकट 20 अप्रैल को शुरू हुआ था जब मेक्सिको की खाड़ी में डीप होराइज़न नामक तेल प्लेटफ़ॉर्म में आग लग गई. उस दुर्घटना में अमरीकी तट से 80 किलोमीटर दूर डीप होराइज़न ऑयल रिग पर कार्यरत 11 लोगों की मौत हो गई थी.

लगातार रिस रहे तेल से न सिर्फ़ अमरीकी मछुआरों की रोज़ीरोटी पर असर पड़ रहा है, बल्कि अमरीका के दक्षिणी राज्यों लुइज़ियाना, मिसिसिपी और अलबामा के तटीय इलाक़ों का पर्यावरण भी बुरी तरह दूषित हुआ है.

इस बीच तेल रिसाव को लेकर अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा पर राजनीतिक दबाव बढ़ता जा रहा है.

उन्होंने पहले ही बीपी को चेतावनी दे रखी है कि तेल रिसाव संकट का सारा आर्थिक बोझ अकेले उसे उठाना पड़ेगा.

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