शोषण के आरोपों से इनकार

Image caption फॉक्सकॉन की शेनजेन स्थित फैक्ट्री में चार लाख लोग काम करते हैं

इलेक्ट्रॉनिक कंपनियों के लिए ठेके पर सामान बनाने वाली दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी फॉक्सकॉन ने इन आरोपों को ग़लत बताया है कि उनकी कंपनी में मज़दूरों का शोषण होता है.

फॉक्सकॉन एक ताईवानी कंपनी है जिसकी एक बड़ी फैक्ट्री शेनजेन प्रांत में है जहाँ जानी मानी कंपनी एपल के लिए आइपॉड सहित कई बड़े ब्रांडों के उत्पाद बनाए जाते हैं.

इस वर्ष की शुरूआत से लेकर अब तक इस फैक्ट्री में काम करने वाले नौ कर्मचारी आत्महत्या कर चुके हैं जिसके बाद से फैक्ट्री में कामकाज की स्थितियों की आलोचना की जा रही है.

कंपनी पर लगे आरोपों का खंडन करते हुए फॉक्सकॉन के चेयरमैन टेरी गॉ ने ख़ुद पत्रकारों को शेनजेन फैक्ट्री का दौरा कराया है.

यह फैक्ट्री अपने आप में किसी शहर से कम नहीं है, फैक्ट्री के भीतर ही दुकानें, पोस्ट ऑफिस और बैंक हैं. यहाँ तक कि एक विशाल स्विमिंग पूल भी है, टेरी गॉ पत्रकारों को बताते हैं कि उनकी कंपनी में काम करने वाले लोगों के लिए कितनी सुविधाएँ हैं.

हांगकांग में मज़दूरों के अधिकारों के लिए अभियान चलाने वाले संगठन उनकी बातों से सहमत नहीं हैं. मज़दूर संगठनों का कहना है कि ड्यूटी बहुत लंबी है, एसेम्बली लाइन पर पुर्ज़े बहुत तेज़ी से चलते हैं और मैनेजर मज़दूरों से सैनिकों की तरह अनुशासित रहने की अपेक्षा रखते हैं.

चीनी अख़बारों में ऐसी रिपोर्टें प्रकाशित हुई हैं कि कंपनी ने अपने मज़दूरों से एक शपथपत्र पर हस्ताक्षर करवाया है कि वे आत्महत्या नहीं करेंगे और ऊँची इमारतों के आसपास बड़ी जालियाँ लगाई जा रही हैं ताकि लोग छलाँग लगाकर जान न दे सकें.

मैनेजरों को यह तय करने का अधिकार दिया गया है कि वे किस मज़दूर की मनोचिकित्सा कराना चाहते हैं. स्थानीय मीडिया में प्रकाशित रिपोर्टों में मज़दूर चिंता प्रकट कर रहे हैं मैनजर अगर नाख़ुश हो तो वह मानसिक चिकित्सा के बहाने उन्हें पागलख़ाने भिजवा सकता है.

कंपनी का कहना है कि यह कुप्रचार है और इसका उद्देश्य फॉक्सकॉन की छवि को धूमिल करना है, कंपनी के मुताबिक़ आज भी हर रोज़ आठ हज़ार लोग उनके यहाँ नौकरी करने के लिए आवेदन देते हैं.

अमरीकी कंपनी एपल का कहना है कि वह फॉक्सकॉन की ओर से उठाए गए क़दमों का आकलन करने के बाद ही कोई निर्णय लेगी.