जी-20 देश मिलकर काम करें: ओबामा

अमरीका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने जी-20 देशों से कहा है कि वे आर्थिक विकास के लिए एकजुट होकर काम करें क्योंकि सभी देशों की अर्थव्यवस्थाएँ आपस में जुड़ी हुई हैं.

बराक ओबामा जी-8 और जी-20 की बैठकों में हिस्सा लेने के लिए कनाडा में हैं.

इन बैठकों में नेता इस बात पर चर्चा करेंगे कि वैश्विक आर्थिक संकट से उबरने के लिए क्या उपाय करने चाहिए. भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी जी-20 में हिस्सा ले रहे हैं.

कनाडा जाने से पहले दिए अपने बयान में उन्होंने कहा, "नवंबर 2008 में हुए जी-20 सम्मेलन के बाद जो कदम सभी देशों ने मिलजुल उठाए हैं, उनसे आर्थिक मंदी में उबरने से मदद मिली है और विश्व 1930 जैसी परिस्थितियों से भी बच पाया. ये जी-20 की सफलता की निशानी है. लेकिन हमें आगाह रहना होगा क्योंकि यूरोप में हालात चिंताजनक है."

ओबाम ने कहा है कि जी-20 की पिछली दो बैठकों में आर्थिक संकट से निपटने के उपायों को लेकर कारगर कदम सामने आए थे.

उनका कहना था, “मुझे उम्मीद है कि टोरंटो में हम पहले से हुए काम को और आगे बढ़ाएँगे- आपस में तालमेल बिठाकर काम करेंगे ताकि आर्थिक विकास हो सके, वित्तीय सुधार लागू किए जा सकें और वैश्विक अर्थव्यवस्था मज़बूत हो.”

इस बीच अमरीकी नेता बैंकिंग सुधार बिल पर सहमत हो गए हैं. ग्रेट डिप्रेशन के बाद से ये अमरीका में सबसे बड़ा वित्तीय बिल है.

जी-8 देशों में फ़्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, रूस, ब्रिटेन, अमरीका और कनाडा शामिल है. जबकि जी-20 का दो दिनों का सम्मेलन शनिवार को शुरु होगा.

कितनी हो कटौती?

जी-20 में मुख्य तौर पर यूरोपीय देशों में जारी वित्तीय कटौती के बारे में चर्चा होने की उम्मीद है.

पिछले कुछ हफ़्तों में यूरोप के कई देशों की सरकारों ने अपने बजट में भारी कटौती की है ताकि कर्ज़ को कम किया जा सके.

लेकिन अमरीका को आशंका है कि राष्ट्रीय कर्ज़ में तेज़ी से कमी के कारण आर्थिक मंदी से उबर रही अर्थव्यवस्थाओं को खतरा हो सकता है.

पिछले हफ़्ते ओबामा ने जी-20 देशों के नेताओं को पत्र लिखा था और अपनी चिंता से अवगत कराया था. वहीं अमरीका के वित्त मंत्री टिमथी गाइटनर ने कहा है कि यूरोप को कटौती के साथ-साथ विकास पर भी जो़र देना होगा.

उधर ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने इस बात से इनकार किया है कि उनके बराक ओबामा के साथ इस बात को लेकर मतभेद हैं कि बजट कटौती की दर कितनी होनी चाहिए.

डेविड कैमरन ने बीबीसी से बातचीत में कहा कि जिन देशों का बजट घाटा ज़्यादा है उन्हें इससे निपटने के तरीकों में तेज़ी लानी होगी क्योंकि असली खतरा इस घाटे को नज़रअंदाज़ करने से है.

रिपोर्टों के मुताबिक ब्राज़ील के राष्ट्रपति जी-20 में हिस्सा नहीं लेंगे क्योंकि ब्राज़ील के कुछ हिस्सों में बाढ़ आई हुई है.

मनमोहन सिंह कनाडा पहुंचने से पहले फ़ैंकफ़र्ट में रात को ठहरे हैं.

संबंधित समाचार