क्यूबाई सिगार की मांग घटी

फीदेल कास्त्रो
Image caption ख़ुद फ़ीदेल कास्त्रो ने सेहत संबंधी समस्याओं के कारण सिगार पीना छोड़ दिया था

लोग अपने फ़िक्र को उड़ाने के लिए धुंए का सहारा लेते हैं लेकिन जब धुंए को ही फ़िक्र पैदा होने लगे तो? अपने ख़ास क़िस्म के सिगार की वजह से पूरी दुनिया में प्रसिद्ध क्यूबा में तो कम से कम ऐसा ही हुआ है.

क्यूबा अपने यहां तंबाकू की बुवाई में कटौती करने के लिए बाध्य हुआ है. दुनिया भर में क्यूबा के सिगार की मांग में कटौती के बाद ये फ़ैसला लिया गया है.

मांग में कमी की ख़ास वजहें-आर्थिक संकट, प्रमुख देशों में तंबाकू के सेवन पर प्रतिबंध और अमरीकी व्यापारिक प्रतिबंध हैं.

दुनिया भर में क्यूबा के सिगार काफ़ी प्रसिद्ध रहे हैं.

क्यूबा के सरकारी समाचार पत्र ग्यूरिलेरो से मिली जानकारी के मुताबिक़ इस साल वहां तंबाकू की पत्तियों की बुवाई में पिछले साल की तुलना में 14 फ़ीसदी गिरावट आई है.

क्यूबा में सिगार के समूचे उत्पादन का नियंत्रण वहां की सरकार के हाथ में है.

सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक़, "आर्थिक संकट के कारण पैदा संसाधनों की कमी के कारण इनकी बुवाई में कमी की गई है."

पिछले साल क्यूबा के सिगारों की बिक्री आठ फ़ीसदी घट गई.

घटती ब्रिकी का असर उत्पादन पर कहीं अधिक पड़ने लगा. पिछले साल क्यूबा ने निर्यात करने के उद्देश्य से सात करोड़ 30 लाख सिगार बनाए. वहीं, साल 2006 में 21 करोड़ 70 लाख सिगार बनाए गए थे.

देश में सिगार का उत्पादन और बिक्री करने वाली कंपनी हैबानोस ने अपने उत्पादन में कमी कर दी.

क्यूबा से निर्यात किए जाने वाले उत्पादों में सिगार सबसे प्रमुख स्थान रखता है. हालांकि अमरीका की ओर से लगाए गए व्यापारिक प्रतिबंध का इस निर्यात पर काफ़ी असर भी पड़ा है.

स्पेन निर्यात का सबसे बड़ा बाज़ार है जहां हाल ही में तंबाकू सेवन पर प्रतिबंध ने सिगार के उपभोग पर ख़ासा असर डाला है.

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