वैश्विक आर्थिक विकास दर में इज़ाफ़ा

आईएमएफ़
Image caption अर्थव्यवस्था के लिए अच्छी ख़बर लेकिन ख़तरे अब भी बाक़ी

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष या आईएमएफ़ के अनुमान के मुताबिक़ इस साल वैश्विक आर्थिक विकास दर साढ़े चार प्रतिशत होगी.

आईएमएफ़ ने इसी साल अप्रैल में कहा था कि दुनिया की अर्थव्यवस्था चार प्रतिशत की दर से बढ़ेगी लेकिन अब उसने इसमें आधे प्रतिशत की बढ़ोतरी का अनुमान लगाया है.

लेकिन साथ ही आईएमएफ़ ने चेतावनी भी दी की ख़तरे बढ़े हैं और वित्तीय स्थिरता की ओर प्रगति के रास्ते में अभी कई रुकावटें हैं.

आईएमएफ़ का कहना है कि इस साल के शुरु में वैश्विक अर्थव्यवस्था ने काफ़ी मज़बूती से उन्नति की. इस बेहतर प्रदर्शन का मुख्य कारण था एशियाई देशों की अर्थव्यवस्था में ज़बर्दस्त उछाल आना.

इस दौरान विकसित देशों की अर्थव्यवस्था धीमी गति से लेकिन नियमित रुप से मंदी से उबरी.

बढ़ता सरकारी ख़र्च

लेकिन आईएमएफ़ ने चेतावनी दी है कि आर्थिक संकट के बादल अभी मंडरा रहे हैं और ख़तरों में इज़ाफ़ा हुआ है.

सबसे बड़ा मुद्दा है ग्रीस और यूरोप के अन्य विकसित देशों में बढ़ते सरकारी ख़र्चे पर लगाम लगाना.

आईएमएफ़ ने कहा है कि सरकारों को अपनी वित्तीय हालत को सुधारने की कोशिश करनी चाहिए लेकिन आईएमएफ़ ने ये भी आशंका जताई कि ज़्यादा तेज़ी से इस पर क़दम उठाने से अर्थव्यवस्था को उबरने में धक्का लगेगा.

एजेंसी का कहना है कि सरकारी क़र्ज़े की वजह से बैंक भी चिंतित हैं.

बैंक एक दूसरे को लोन देने में ज़्यादा इच्छुक नहीं दिखते.

बैंको पर दबाव का मतलब है कम कर्ज़ मिलना जिससे अर्थव्यवस्था कमज़ोर होगी.

आईएमएफ़ ने उम्मीद जताई है कि इसका प्रभाव दुनिया के दूसरे क्षेत्रों में शायद ना हो लेकिन फिर भी संभव है कि यूरोप के साथ वित्तीय संबंध होने के कारण इसका असर वैश्विक आर्थिक विकास पर भी हो.

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