बैंक पर लगा रिकॉर्ड जुर्माना

गोल्डमैन सैक्स

निवेशकों को ग़लत जानकारी देने के आरोप में मुक़दमे का सामना कर रहा अमरीकी बैंक गोल्डमैन सैक्स 55 करोड़ डॉलर का जुर्माना भरने के लिए तैयार हो गया है.

दुनिया भर में किसी भी बैंक पर अब तक लगाया गया यह सबसे बड़ा जुर्माना है.

गोल्डमैन सैक्स ने अमरीकी आवासीय बाज़ार में मची अफ़रा-तफ़री के बीच लोगों को अपने खातों के बारे में ग़लत जानकारी दी थी.

गोल्डमैन सैक्स के फ़रेब की वजह से ब्रिटेन के रॉयल बैंक ऑफ़ स्कॉटलैंड को 84 करोड़ डॉलर का घाटा उठाना पड़ा था, अब इस जुर्माने की रक़म में से उसे 10 करोड़ डॉलर मिलेंगे, इसी तरह जर्मनी के आईकेबी डोएच इंडस्ट्री बैंक को 15 करोड़ डॉलर मिलेंगे.

गोल्डमैन सैक्स आपराधिक मुक़दमे से जान छुड़ाने के लिए इतनी बड़ी रक़म भरने को तैयार हुआ है, अब अमरीका के जजों को फ़ैसला करना है कि वे इस मुआवज़े को मंज़ूर करके मुक़दमा बंद करते हैं या नहीं.

अमरीका में शेयर बाज़ार की नियामक संस्था एसईसी का कहना है कि गोल्डमैन सैक्स ने स्वीकार कर लिया है कि उसकी प्रचार सामग्री में "अधूरी जानकारी" थी.

गोल्डमैन सैक्स ने अब एक बयान जारी किया है जिसमें उन्होंने जानबूझकर लोगों को धोखा देने की बात स्वीकार नहीं की है लेकिन माना है कि "जुर्माना भरना बैंक, शेयरधारकों और ग्राहकों के लिए सही क़दम है."

यह रिकॉर्ड जुर्माना है जिसके बावजूद बैंक के शेयरों की क़ीमत में साढ़े चार प्रतिशत की वृद्धि हुई है, यही माना जा रहा है कि जिस तरह का आरोप बैंक के ऊपर था, उस हिसाब से उसकी जान सस्ते में छूट गई है.

इस वर्ष की पहली तिमाही में गोल्डमैन सैक्स ने साढ़े तीन अरब डॉलर का मुनाफ़ा कमाया था.

आर्थिक मामलों के एक विश्लेषक केविन कैरन का कहना है, "उन्होंने 55 करोड़ रुपए का जुर्माना भरने की बात मानी और उनके शेयरों की क़ीमत 80 करोड़ डॉलर बढ़ गई, इससे अच्छा सौदा उनके लिए क्या हो सकता है, उनकी मुसीबत बहुत आसानी से हल हो गई है."

इस वर्ष अप्रैल में नियामक संस्था एसईसी ने गोल्डमैन सैक्स पर 'महत्वपूर्ण जानकारी जानबूझकर अपने ग्राहकों से छिपाने' का आरोप लगाया था. अमरीका में सब-प्राइम संकट के बाद जहाँ लीमैन ब्रदर्स जैसा निवेश बैंक बंद हो गया, कई अन्य बैंकों और बीमा कंपनियों की हालत बिगड़ गई वहीं गोल्डमैन सैक्स ने उस दौर में भी मुनाफ़ा कमाया.

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