ओएनजीसी की नज़र वियतनाम की गैस फ़ील्ड पर

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Image caption ओएनजीसी प्रमुख ने वियतनाम में हिस्सेदारी ख़रीदने की दिलचस्पी की बात स्वीकारी है.

भारत की सबसे बड़ी तेल कंपनी ओएनजीसी ने ब्रिटिश पेट्रोलियम की वेतनाम के समुद्र में स्थित एक गैस फ़ील्ड में हिस्सेदारी ख़रीदने की इच्छा जताई है.

‘नाम कॉन सॉन’ बेसिन में स्थित इस गैस फ़ील्ड में ओएनजीसी की पहले से ही 45 फ़ीसदी हिस्सेदारी है. इस गैस फ़ील्ड में बीपी की हिस्सेदारी 35 फ़ीसदी है और बाक़ी शेयर पेट्रोवेतनाम के पास हैं.

ओएनजीसी प्रमुख आरएस शर्मा ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को बताया है कि वे ‘नाम कॉन सॉन’ बेसिन में स्थित गैस फ़ील्ड में बीपी की हिस्सेदारी ख़रीदने में दिलचस्पी रखते हैं.

बीपी के प्रवक्ता ने भी कहा है कि वे ‘नाम कॉन सॉन’ में विनिवेश के विकल्प खोज रहे हैं.

मेक्सिको की खाड़ी में बीपी के तेल के कुएं में हुए तेल रिसाव के नुकसान की भरपाई करने के लिए कंपनी को पैसे की सख़्त ज़रुरत है और इसी कारण बीपी एशिया में अपनी गैस फ़ील्ड बेचना चाह रही है.

ख़बरों के मुताबिक चीन और थाईलैंड की कंपनियां भी बीपी के हिस्सेदारी ख़रीदने की इच्छा ज़ाहिर कर सकतीं हैं.

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