ब्याज़ दरों में बढ़ोतरी

भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने मंगलवार को मौद्रिक नीति की समीक्षा के तहत रेपो रेट और रिवर्स रेपो रेट बढ़ाने की घोषणा की है. जबकि सीआरआर में बदलाव नहीं किया गया है.

देश में बढ़ती महंगाई पर काबू पाने के लिए आरबीआई ने ये क़दम उठाया है.

रेपो रेट में 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी की गई है यानी 5.5 से बढ़ाकर 5.75 फ़ीसदी कर दिया गया है. जबकि रिवर्स रेपो रेट 4.0 से बढ़कर 4.50 फ़ीसदी हो गया है.

नकद आरक्षित अनुपात यानी सीआरआर में फेरबदल न करते हुए उसे छह फ़ीसदी ही रखा गया है.

इस साल ये चौथी दफ़ा है जब आरबीआई ने दरों में बढ़ोतरी की है.

विभिन्न वाणिज्यिक बैंक अपना पैसा रिज़र्व बैंक के ख़ज़ाने में जमा करते हैं. इस पर रिज़र्व बैंक जिस दर से ब्याज़ देता है उसे रिवर्स रेपो दर कहते हैं.

जबकि रेपो दर ठीक इसके उलट होती है. जब रिज़र्व बैंक अन्य बैंकों को कम अवधि के लिए उधार देता है तो उस पर जिस दर से ब्याज लिया जाता है उसे रेपो दर कहते हैं.

बैंक ने वित्तीय बर्ष 2011 के लिए आर्थिक विकास का लक्ष्य पहले के आठ फ़ीसदी के मुकाबले बढ़ाकर 8.5 फ़ीसदी कर दिया है.

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