'विमान चालकों की मांग दोगुनी होगी'

Image caption अगले 20 सालों में विमानन उद्योग को पांच लाख विमान चालकों की ज़रूरत पड़ेगी

विमान बनाने वाली अमरीकी कम्पनी बोइंग का कहना है कि अगले 20 वर्षों में विमानन उद्योग को कोई पांच लाख नए विमान चालकों की ज़रूरत पड़ेगी.

इसके अलावा विमानों के रखरखाव के लिए इतने ही कर्मचारी और चाहिए होंगे.

इस समय दुनिया भर की विमान कम्पनियों में कोई दो लाख 33 हज़ार विमान चालक और एक लाख मैकेनिक और इंजीनियर काम करते हैं.

बोइंग का कहना है कि इस नई मांग में से कोई 40 प्रतिशत एशिया से आएगी.

प्रशिक्षण की सीमित क्षमता

बोइंग का कहना है कि 2010 और 2029 के बीच कोई 466,650 नए प्रशिक्षित विमान चालकों और 596,500 नए प्रशिक्षित इंजीनियरों और मैकेनिकों की ज़रूरत पड़ेगी.

यह मांग एशिया में बड़ी तेज़ी से बढ़ रही है विशेष रूप से चीन में.

लेकिन बोइंग के प्रशिक्षण और उड़ान सेवाओं के प्रमुख अधिकारी रोई गंज़ार्स्की मानते है कि यह एक बड़ी चुनौती साबित हो सकती है.

उन्होने कहा, " एशिया प्रशांत क्षेत्र में इस समय प्रशिक्षण का जो ढांचा मौजूद है वो इस ज़रूरत को पूरी नहीं कर सकता".

आयटा के महानिदेशक जियोवान्नी बिसिग्नानी का कहना है कि चीन में विमान चालकों की मांग दोगुनी या तिगुनी हो सकती है.

इसका ये नतीजा हो सकता है कि चीनी विमान सेवाओं को विदेशों से विमान चालक बुलाने पड़ें.

हवाई यात्रा में वृद्धि

दुनिया के कई देशों में आए आर्थिक संकट और मंदी के साथ साथ हवाई यात्रा में भी गिरावट आई थी लेकिन एक बार फिर उसमें उछाल आ रहा है.

इंटरनेशनल एयर ट्रांस्पोर्ट एसोसिएशन या आयटा का कहना है कि पिछले साल की जुलाई की तुलना में इस जुलाई में हवाई यात्रा 9.2 प्रतिशत अधिक रही. विशेष रूप से एशिया प्रशांत क्षेत्र में इसका प्रतिशत 10.9 रहा.

यूरोप और उत्तरी अमरीका में अब भी उपभोक्ता का विश्वास बहाल नहीं हुआ है इसलिए हो सकता है कि यहां विमान यात्रा की गति धीमी रहे.

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