आउटसोर्सिंग पर भारत को उम्मीद

आनंद शर्मा
Image caption आनंद शर्मा ने उम्मीद जताई कि अमरीका आउटसोर्सिंग के मुद्दे पर विचार करेगा.

भारत के व्यापार और उद्योग मंत्री आनंद शर्मा ने उम्मीद ज़ाहिर की है कि अमरीका के राष्ट्रपति बराक ओबामा की भारत यात्रा से पहले अमरीका वीज़ा फीस में बढ़ोत्तरी को वापस लेने और ओहायो राज्य के आउटसोर्सिंग पर लगाए गए प्रतिबंध को उठाने पर विचार करेगा.

मंगलवार को वाशिंगटन में भारत और अमरीका के बीच व्यापार बढ़ाने के लिए 2005 में बने ट्रेड पालिसी फोरम की एक बैठक में आनंद शर्मा ने इस संबंध में भारत सरकार की चिंताओं से अमरीकी प्रतिनिधिमंडल को अवगत कराया.

बाद में भारतीय मीडिया से बातचीत करते हुए आनंद शर्मा ने कहा कि भारत चाहता है कि राष्ट्रपति ओबामा की भारत यात्रा से पहले अमरीका अपना फ़ैसला वापस ले ले.

राष्ट्रपति ओबामा सात से नौ नवम्बर तक भारत के दौरे पर होंगे.

मंगलवार की फोरम की बैठक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि भारत से छोटे अवधि पर आए पेशेवरों से अमरीका सोशल सिक्योरिटी की राशि न लें.

आईटी को नुक़सान

आनंद शर्मा ने कहा कि अमरीका की व्यापार रक्षावादी नीति से भारतीय आईटी क्षेत्र की कंपनियों को बीस करोड़ डॉलर का नुकसान उठाना पड़ रहा है. उनके अनुसार यह नीति भेदभावपूर्ण है.

उनका दावा था कि भारतीय कंपननियां अमरीका समेत दुनिया के कई देशों में व्यापार बढ़ा रही हैं जिससे स्थानीय लोगों को रोज़गार के मौके मिल रहे हैं.

राष्ट्रपति ओबामा ने 2008 में आउटसोर्सिंग को रोकने को अपना चुनावी मुद्दा बनाया था. अमरीकी व्यापार जगत इस फैसले से कोई ख़ास खुश नहीं है लेकिन अमरीका में यह एक राजनीति मुद्दा हो कर रह गया है

फोरम में दूसरे कई मुद्दों पर भी चर्चा हुई, जिसमें आधारभूत क्षेत्र में अमरीकी निवेश भी शामिल था. इस क्षेत्र में अरबों डॉलर के निवेश का अवसर है और अमरीका इस में अहम रोल अदा कर सकता है. इस समय अमरीका भारत में तीसरा सबसे बड़ा निवेशक है.

आनंद शर्मा के अनुसार विदेशी निवेश के लिए पहले से रास्ता काफी साफ़ हो गया है.

ट्रेड पालिसी फोरम 2005 में गठित किया गया था. इस का काम दोनों देशों के बीच कृषि, नवीनीकरण, निवेश और सर्विसेस जैसे क्षेत्रों में व्यापर बढ़ाना है ताकि दोनों देशों में रोज़गार बढे.

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