चीन भारत से विकास में आगे

औद्योगिक उत्पादन

अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष का अनुमान है कि भारतीय अर्थव्यवस्था में इस वर्ष 9.7 प्रतिशत और अगले वर्ष 8.4 प्रतिशत का विकास होगा.

मगर आईएमएफ़ के अनुसार चीन विकास के मामले में भारत से आगे रहेगा जहाँ की गति अधिक रहेगा जहाँ इस वर्ष 10.5 प्रतिशत और अगले वर्ष 9.6 प्रतिशत का विकास होगा.

आइएमएफ़ ने वैश्विक अर्थव्यवस्था पर अपनी नवीनतम रिपोर्ट – वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक रिपोर्ट - में कहा है कि भारत में विकास को तेज़ औद्योगिक उत्पादन और बड़े स्तर पर अर्थव्यवस्था के अच्छे प्रदर्शन के कारण बढ़ावा मिलेगा.

वहीं चीन में विकास के तेज़ रहने का कारण घरेलू माँग को बताया गया है.

दूसरी तरफ़ आइएमएफ़ ने दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में इस वर्ष मात्र 2.7 प्रतिशत और अगले वर्ष 2.2 प्रतिशत की वृद्धि होने का अनुमान लगाया है.

साथ ही संस्था ने कहा है कि वैश्विक व्यापार इस वर्ष 4.8 प्रतिशत और अगले वर्ष 4.2 प्रतिशत की दर से बढ़ेगा और इस वर्ष के उत्तरार्ध और अगले वर्ष के पूर्वार्ध में अस्थायी मंदी रहेगी.

सुधार

भारत के बारे में आइएमएफ़ की रिपोर्ट में कहा गया है, "बड़े स्तर पर भारतीय अर्थव्यवस्था का प्रदर्शन बहुत अच्छा रहा है और औद्योगिक उत्पादन पिछले दो वर्ष के उच्चतम स्तर पर है. साथ ही दूसरे महत्वपूर्ण सूचक भी लगातार ऊपर जा रहे हैं."

रिपोर्ट के अनुसार एशिया की उभरती हुई अर्थव्यवस्थाओं में विकास की गति लगभग 9.5 प्रतिशत बनी हुई है.

चीन, भारत और इंडोनेशिया में तीव्र माँग के कारण दूसरी एशियाई अर्थव्यवस्थाओं को भी फ़ायदा हो रहा है.

रिपोर्ट कहती है कि ये निश्चित हो चुका है कि आर्थिक सुधार हो रहा है और अर्थव्यवस्था को मदद देने के लिए सरकारों के प्रयास के बाद अब निजी क्षेत्र के बलबूते विकास होने की स्थिति आ रही है.

लैटिन अमरीकी देशों में भी अच्छा सुधार हुआ है जहाँ विकास दर लगभग सात प्रतिशत के आस-पास है.

लैटिन अमरीका में विकास मुख्यतः ब्राज़ील के कारण हो रहा है जहाँ विकास दर वर्ष 2009 की तीसरी तिमाही से ही 10 प्रतिशत के आस-पास बनी हुई है.