अमरीका ने युआन को लेकर चेतावनी दी

अमरीका के वित्त मंत्री टिमोथी गेथनर चीन पर एक बार फिर इस बात के लिए दबाव डाला है कि चीन युआन की अन्य मुद्राओं से विनमय दर बढ़ाए.

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ़) की बैठक में उन्होंने कहा कि जो देश निर्यात पर बहुत अधिक निर्भर करते हैं, उन्हें अपनी नीति बदलनी होगी अन्यथा दुनिया की अर्थव्यवस्था की विकास दर धीमी ही रहेगी.

टिमोथी गेथनर का कहना था कि बढ़ती हुई अर्थव्यवस्थाओं को ज़्यादा लचीली और बाज़ार केंद्रित मुद्रा नीति अपनानी चाहिए.

आईएमएफ़ की बैठक इसी मुद्दे पर चर्चा करने के लिए बुलाई गई है, बीबीसी संवाददाता का कहना है कि इस मुद्दे पर नीति निर्माताओं में सहमति नहीं हो पाई है.

आईएमएफ़ की चेतावनी

इसके पहले आईएमएफ़ के प्रमुख डोमिनिक स्ट्रास-कान ने चीन और पश्चिमी देशों के बीच 'मुद्रा युद्ध' की चेतावनी दी थी.

आईएमएफ़ के प्रमुख ने कहा था कि ये गंभीर मामला है और आईएमएफ़ इस तरह के संघर्ष को टालने के लिए कुछ प्रस्ताव रखेगा.

अमरीका का आरोप है कि युआन की विनमय दर इतनी कम है कि ये एक तरह से चीनी निर्यात को सब्सिडी देने जैसा है.

इसके पहले यूरोपीय देशों ने भी चीन से कहा था कि वो अपनी मुद्रा की विनिमय दर बढ़ाए.

दरअसल यूरोपीय देश और अमरीका आरोप लगाते रहे हैं कि चीन जानबूझकर युआन की क़ीमत दूसरे देशों की मुद्रा के मुक़ाबले कम रखता है.

इस वजह से अंतररराष्ट्रीय बाजा़र में चीनी माल की क़ीमत दूसरे देशों में बनी चीज़ों से सस्ती होती है. हालांकि चीन इन आरोपों से इनकार करता आया है.

उसका कहना है कि अमरीका और यूरापीय देश विश्व बाज़ार में उसके माल की बढ़ती माँग पर रोक लगाने की कोशिश में हैं.

हालांकि जून में चीन ने संकेत दिए थे कि वो अपनी मुद्रा की विनिमय दर में अधिक लचीलापन लाएगा, लेकिन ऐसा हुआ नहीं.

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