एमजीएम को दिवालिया घोषित करने की प्रक्रिया शुरु

एमजीएम
Image caption एमजीएम ने गॉन विद द विंड और बेन हर जैसी कई चर्चित फ़िल्में बनाईं थी

हॉलीवुड फ़िल्म उद्योग का जाना-माना स्टूडियो - मेट्रो गोल्डविन मेयर यानी एमजीए - को दिवालिया घोषित करने की प्रक्रिया शुरु हो गई है. ये प्रक्रिया 30 दिन चलेगी.

गॉन विद द विंड, बेन हर, विज़र्ड ऑफ़ ओज़ और जेम्स बॉंड सीरीज़ की अनेक फ़िल्में बनाने वाले इस स्टूडियो ने अपने कर्ज़ दाताओं के साथ समझौता करने के बाद अमरीका में प्रशासकों से दिवालिया घोषित किए जाने का आवेदन दिया है.

पिछले कुछ सालों में बॉक्स ऑफ़िस पर कई फ़िल्मों के फ़्लॉप हो जाने के कारण एमजीएम का कर्ज़ बहुत बढ़ गया है.

अब एमजीएम के प्रबंधन में तबदीली की जाएगी और फ़िल्म बनाने वाली एक अन्य कंपनी - स्पाईग्लास एंटरटेनमेंट - के अधिकारी इसको चलाएँगे.

कर्ज़ देने वाली बड़ी कंपनियाँ जेपी मॉर्गन और क्रेडिट सॉसे एमजीएम के अधिकतर शेयरों के एवज में कर्ज़ देंगे .

पिछले हफ़्ते एमजीएम के कर्ज़दाताओं ने फ़ैसला किया था कि दिवालिया घोषित किए जाने के बाद कंपनी का कार्यभार स्पाईग्लास एंटरटेनमेंट्स को सौंपा जाए.

एमजीएम के कर्ज़दाता, जिनमें अरबपति कार्ल आईकान भी शामिल हैं, ने इससे पहले हॉलीवुड की कंपनी लाएंसगेट की एमजीएम पर नियंत्रण कायम करने की कोशिश को नाकाम कर दिया था.

इस दौरान कई फ़िल्मों का निर्माण अधर में लटका हुआ है.

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