बैंक ऑफ़ अमरीका ने भी विकीलीक्स को छोड़ा

बैंक ऑफ़ अमरीका
Image caption बैंक ऑफ़ अमरीका से पहले मास्टर कार्ड और पे-पाल ने विकीलीक्स से कन्नी काट ली थी

कई वित्तीय संस्थाओं के बाद अब बैंक ऑफ़ अमरीका ने भी सनसनीख़ेज जानकारियाँ देने वाली वेबसाइट विकीलीक्स के लिए लेन-देन बंद कर दिया है.

बैंक ने कहा है कि वह ऐसी कार्रवाई इसलिए कर रहा है क्योंकि "विकीलीक्स ऐसी गतिविधियों में लिप्त हो सकती है जो लेन-देन के लिए बैंक की आंतरिक नीतियों के ख़िलाफ़ हों."

बैंक की इस घोषणा के बाद विकीलीक्स ने अपने समर्थकों से कहा है कि वे इस बैंक के साथ लेन-देन बंद कर दें.

यह दुनिया के सबसे बड़े बैंकों में से एक है.

इससे पहले मास्टर कार्ड, पे-पाल और कई अन्य कंपनियों ने विकीलीक्स के साथ अपने व्यावसायिक संबंध ख़त्म कर लिया था.

समर्थकों को सलाह

नॉर्थ कैरोलाइना स्थित बैंक ऑफ़ अमरीका ने कहा है कि वह विकीलीक्स से जुड़ा कोई लेन-देन नहीं करेगा.

इस बयान में और कोई विवरण नहीं दिए गए हैं.

इस कार्रवाई का जवाब देते हुए ट्विटर पर दिए गए संदेश में कहा गया है, "जो कोई भी आज़ादी से प्यार करता है उसे चाहिए कि वह बैंक ऑफ़ अमरीका में अपना खाता बंद कर दे."

विकीलीक्स ने लोगों से कहा है, "अपना पैसा कहीं और सुरक्षित रखिए."

विकीलीक्स ने हाल ही में कहा था कि वह जल्दी ही ऐसे दस्तावेज़ जारी करेगी जिससे बैंकों की 'अनैतिक कारगुज़ारियों' का पता चलेगा.

ऐसा माना जा रहा है कि जिन बैंकों के बारे में विकीलीक्स दस्तावेज़ जारी करने वाला है उसमें बैंक ऑफ़ अमरीका भी एक हो सकता है.

असांज की आशंका

Image caption जूलियन असांज के कारनामे से अमरीका बौखलाया हुआ है

विकीलीक्स ने जब कई और मीडिया संस्थानों के साथ मिलकर अमरीका के राजनयिकों के गोपनीय संदेशों की ख़बरें प्रकाशित करना शुरु किया उसके बाद इन वित्तीय संस्थाओं ने विकीलीक्स से संबंध ख़त्म किए हैं.

इन ख़बरों की वजह से अमरीका के कई देशों के साथ संबंधों में तनाव पैदा हो गया है.

विकीलीक्स के संस्थापक जूलियन असांज को इसी हफ़्ते की शुरुआत में ब्रिटेन की एक अदालत ने ज़मानत पर रिहा किया है. उन पर बलात्कार के आरोप हैं और स्वीडन चाहता है कि उन्हें वहाँ प्रत्यार्पित कर दिया जाए.

39 वर्षीय असांज का कहना है कि ये आरोप उन्हें 'बदनाम करने के लिए' लगाए गए हैं.

उन्होंने यह आशंका भी ज़ाहिर की है कि उन्हें अमरीका प्रत्यर्पित किया जा सकता है. उनका कहना है कि अमरीका उनके और उनकी वेबसाइट के ख़िलाफ़ आक्रामक और ग़ैरक़ानूनी जाँच कर रहा है.

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