जेपी मोर्गन राजनयिक खाते बंद करेगा

Image caption जेपी मोर्गन में अनेक विदेशी दूतावासों के खाते हैं

सौ से अधिक राजनयिकों ने अमरीकी अधिकारियों से मुलाक़ात करके अमरीकी बैंकों के उनके खाते बंद करने पर चिंता जताई है.

अनेक बैंकों के बाद अभी हाल में जेपी मोर्गन चेस ने राजनयिकों के खाते बंद करने का फ़ैसला किया है.

जेपी मोर्गन में अनेक दूतावासों के खाते हैं और इसने मार्च तक इन खातों को बंद करने की घोषणा कर दी है.

इसकी वजह से संयुक्त राष्ट्र में तैनात अनेक राजनयिकों और विदेशी सरकारों को भारी परेशानी पेश आ सकती है.

ये मामला इतना तूल पकड़ गया कि अमरीकी विदेश विभाग को प्रभावित देशों के राजदूतों से बातचीत के लिए एक राजनयिक को भेजना पड़ा.

कुछ राजदूतों ने तो धमकी दी है कि ऐसी स्थिति रही तो उनके दूतावास काम करना बंद कर देंगे जिससे संयुक्त राष्ट्र का काम भी प्रभावित हो सकता है.

हालांकि जेपी मोर्गन ने इस बारे में कोई कारण नहीं बताया है.

लेकिन ख़बरों के अनुसार चरमपंथियों तक पैसा न पहुँचे और काले धन के रोकथाम को लेकर अमरीका ने नियम बेहद सख्त कर दिए गए हैं जिसके कारण विदेशी सरकारों के खातों को जारी रखना मुनाफ़े का धंधा नहीं रह गया है.

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि अमरीकी अधिकारियों ने बैंक के वरिष्ठ अधिकारियों से बातचीत की है.

लेकिन उनका कहना है कि इस मामले में ज्यादा हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता है क्योंकि ये निजी बैंक है और ये उसका अपना फ़ैसला है.

संबंधित समाचार