महँगाई पर लगाम कसेंगे: प्रणव

वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने कहा है कि खाद्य पदार्थों की कीमतों पर लगाम कसने के लिए वो सभी राज्यों के वित्त मंत्रियों के साथ बैठक करेंगे.

प्रणव मुखर्जी ने कहा है कि खाने-पीने की चीज़ों की आसमान छूती कीमतों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और 19 जनवरी को वो एक अहम बैठक करेंगे.

शुक्रवार को ही खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमत की वजह से महँगाई दर में बढ़ोतरी के आंकड़े सामने आए.

कैसे बढ़ी हैं दुनिया भर में कीमतें

मासिक महँगाई दर अब 8.43 प्रतिशत पर पहुंच गई है जो नवंबर की महँगाई दर से लगभग एक प्रतिशत ज़्यादा है.

विश्लेषकों का कहना है कि इस बार महँगाई दर की बढ़ोतरी चावल, दाल की कीमतों या वैश्विक कीमतों में तेज़ी से नहीं आई है.

Image caption प्रणव मुखर्जी ने कहा है कि राज्य सरकारों से पत्र लिखकर कहा गया है कि वो आपूर्ति में रूकावटों को खत्म करें.

इस बढ़ोतरी के पीछे मुख्य रूप से फलों, सब्ज़ियों, अंडे, दूध और मछली की आसमान छूती कीमतों का हाथ है.

थोक मूल्य सूचकांक में इन चीज़ों का योगदान 10 प्रतिशत का होता है लेकिन पिछले साल के मुक़ाबले इनमें 20 से 40 प्रतिशत की तेज़ी आई है.

खाद्द महँगाई दर में पिछले छह हफ़्तों के बाद थोड़ी गिरावट आई लेकिन प्याज़ और अंडे अभी भी काफ़ी मंहगे हैं.

वित्त मंत्री ने कहा कि महँगाई एक आर्थिक प्रक्रिया है जिसके पीछे कई कारण हो सकते हैं. उन्होंने कहा कि कई बार मांग और आपूर्ति के बीच का अंतर या फिर कच्चे तेल की बढ़ती कीमत जैसे अंतरराष्ट्रीय कारण महँगाई को बढ़ा सकते हैं.

प्रणव मुखर्जी ने कहा कि पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में सब्सिडी बढ़ाकर उपभोक्ताओं की मदद की जा सकती है लेकिन लंबे अंतराल में इससे महँगाई रोकने में कोई मदद नहीं मिलेगी.

उन्होंने कहा कि केंद्र ने राज्य सरकारों को पत्र लिखा है कि आपूर्ति के रास्ते में जो भी बाधाएं हैं उन्हें दूर करें.

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