बजट 2011 - मुख्य बातें

प्रणव मुखर्जी
Image caption उद्योग जगत में अधिकतर ने कहा कि बजट प्रावधान उम्मीदों तक नहीं पहुँच पाए

वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि क्षेत्र में अधिक व्यय पर ज़ोर दिया है. साथ ही उन्होंने कहा है कि समाज कल्याण के लिए 58 हज़ार करोड़ रुपए का प्रावधान किया है.

उन्होंने उम्मीद जताई है कि अर्थव्यवस्था की विकास दर नौ प्रतिशत रहेगी और महँगाई आने वाले महीनों में घटेगी.

हमें उच्च स्तर की विकास दर चाहिए और इस दिशा में नौ प्रतिशत विकास दर का लक्ष्य है. महँगाई चिंता का विषय है. जहाँ तक काले धन का सवाल है, उसके लिए व्यापक क़दम उठाने की ज़रूरत है. संकेत दिए गए हैं कि ये सरकार सुधार की रह पर चल रही है.

बजट 2011-12 की कुछ मुख्य बातें इस प्रकार हैं:

कृषि-ग्रामीण क्षेत्र:

  • कृषि क्षेत्र में कर्ज़ के लिए 3.75 लाख करोड़ से बढ़ाकर 4.75 लाख करोड़ रखे गए हैं.
  • राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के बजट को बढ़ाकर 7,860 करोड़ का किया जा रहा है.
  • राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक के लिए चरणबद्ध तरीके से 30 अरब रुपए दिए जाएँगे.
  • नई फ़रटीलाइज़र नीति लाई जाएगी.
  • ग्रामीण मूलभूत ढांचे के लिए 180 अरब रुपए का प्रावधान रखा गया है.
  • ग्रामीण इलाकों में घरों के लिए मिलनेवाले कर्ज़ कोष को अब 2000 से 3000 करोड़ रुपए किया गया.
  • देश के पूर्वी हिस्सों में दूसरी हरित क्रांति के लिए 400 करोड़ की वृद्धि.

ग़रीबों के लिए:

  • ग़रीबी रेखा से नीचे रहने वाले लोगों के लिए मिट्टी के तेल, रसोई गैस में मिलनेवाली रियायतें नकद राशि के तौर पर मिलेंगी.
  • भुखमरी और कुपोषण जैसी समस्याओं से निपटने के लिए एक राष्ट्रीय फ़ूड बिल को संसद में पेश किया जाएगा.
  • सामाजिक क्षेत्र के लिए बजट में 17 प्रतिशत की वृद्धि की जाएगी.
  • आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का मासिक वेतन 1500 रुपए प्रति माह से 3000 रुपए, सहायकों का वेतन 750 रुपए से बढ़कर 1500 रुपए होगा.

उद्योग जगत और विनिवेश:

  • सार्वजनिक क्षेत्र और अन्य स्रोतों से पूँजी विनिवेश किए जाने से लगभग 400 अरब रुपए जुटाए जाएँगे.
  • एक्साइज़ ड्यूटी को बिना बदलाव के दस प्रतिशत पर ही रखा गया है.
  • सेबी के साथ पंजीकृत म्यूचुयल फंड अब विदेशी निवेश भी ले पाएँगे.
  • बैंकिंग क्षेत्र में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के लिए 6000 करोड़ रुपए का प्रावधान.
  • केंद्रीय एकसाइज़ करों में कोई बदलाव नहीं किया गया है.
  • सर्विस टैक्स रेट को भी बिना किसी बदलाव के 10 प्रतिशत पर रखा गया है.
  • लगभग 130 उपभोक्ता सामग्रियों पर 1 प्रतिशत एकसाइज़ टैक्स लगाया जाएगा.

शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रशिक्षण:

  • शिक्षा क्षेत्र के लिए 24 प्रतिशत की वृद्धि, कुल 52057 करोड़ का प्रावधान.
  • प्रारंभिक शिक्षा के लिए 21 हज़ार करोड़ रुपए रखे गए हैं.
  • इस साल 20 हज़ार लोगों को प्रशिक्षण, 75 प्रतिशत को नौकरी मिलेगी.
  • अनुसूचित जाती व जनजाति के नवीं और दसवीं के 40 लाख छात्रों को स्कॉलरशिप.
  • स्वास्थ्य क्षेत्र में 20 प्रतिशत वृद्धि और कुल 26760 करोड़ रुपए का प्रावधान.

आयकर:

  • आयकर में छूट की सीमा 1.6 लाख से बढ़ाकर 1.8 लाख की गई.
  • वरिष्ठ नागरिक कहलाने के लिए आयु सीमा को 65 से घटाकर 60 कर दिया गया है.
  • वरिष्ठ नागरिकों को छूट की सीमा को 2.40 लाख से बढ़ाकर 2.50 लाख किया गया.
  • जो वरिष्ठ नागरिक 80 साल के हैं, उनके लिए छूट की सीमा पांच लाख रुपए.

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