रजत गुप्ता पर अमरीकी निगरानी संस्था का आरोप

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अमरीकी निगरानी संस्था ने गोल्डमैन सैक्स के पूर्व निदेशक और इंडियन स्कूल ऑफ़ बिज़नेस के अध्यक्ष रजत गुप्ता के ख़िलाफ़ शेयर निवेश नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया है.

अमरीकी कॉर्पोरेट जगत में भारत के सबसे बड़े नामों में से गिने जानेवाले रजत गुप्ता पर आरोप है कि उन्होंने अपने एक जानकार को निवेश कंपनी गोल्डमैन सैक्स की अंदरूनी जानकारी लीक की जिसकी मदद से उन्होंने शेयर बाज़ार में करोड़ों डॉलर का मुनाफ़ा कमाया.शेयर निवेश में इसे इनसाइडर ट्रेडिंग कहते हैं.

शेयर निवेश के नियमों के अनुसार कंपनी की भीतरी वित्तीय जानकारी के आधार पर प्रबंधन के उच्च पदाधिकारी उस कंपनी शेयर में निवेश नहीं कर सकते. रजत गुप्ता पर यही आरोप है.

उनके वकील ने इन आरोपों को निराधार बताया है और इंडियन बिज़नेस स्कूल से जारी एक बयान के अनुसार वो वहां के एक्ज़ीक्यूटिव बोर्ड के अध्यक्ष बने रहेंगे.

माइक्रोसॉफ़्ट के मालिक बिल गेट्स और पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन के दोस्तों में गिने जानेवाले रजत गुप्ता अमरीका में भारतीयों की सफलता की सबसे बड़ी कहानियों में से हैं.

ऊँची पहुँच

वर्ष 1994 में कंसलटेंसी फ़र्म मैकिंज़ी के पहले भारतीय सीइओ बने गुप्ता ने कई मायने में अमरीकी कॉर्पोरेट जगत में भारतीयों के लिए खड़ी शीशे की दीवार गिराई थी.

उनकी पहुंच और उनके कद का अंदाज़ा इसीसे लगाया जा सकता है कि संयुक्त राष्ट्र भी प्रबंधन से जुड़े मामलों पर उनसे सलाह लेती है.

वो हार्वड बिज़नेस स्कूल के सलाहकार हैं और पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन के साथ अमेरिकन इंडियन फ़ाउंडेशन के सह-संस्थापक हैं.

रजत गुप्ता ने आईआईटी दिल्ली से पढ़ाई पूरी करने के बाद हार्वड बिज़नेस स्कूल में पढ़ाई की.

इसमें से एक जानकारी जानेमाने अरबपति वारेन बफ़ेट की ओर से गोल्डमैन सैक्स में पांच अरब डॉलर के निवेश के बारे में थी.

राज राजारत्नम पर कुछ ही हफ़्तों में इनसाइडर ट्रेडिंग का मुकदमा शुरू होने जा रहा है.

अमरीकी सेक्योरिटी ऐंड एक्सचेंज कमीशन के निदेशक रॉबर्ट खुज़ामी ने एक बयान जारी करके कहा है, “गुप्ता को बड़ी बड़ी कंपनियों ने अपना विश्वास जता कर सबसे बड़ा सम्मान दिया था लेकिन उन्होंने अति गोपनीय जानकारियों लीक करके उस विश्वास को तोड़ा है.”

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