अरबपति राजारत्नम पर मुकदमा शुरु

राज राजारत्नम
Image caption राजारत्नम की व्यक्ति संपत्ति लगभग 1.3 अरब डॉलर है

अमरीका में अरबपति हेज फंड मैनेजर राज राजारत्नम के ख़िलाफ़ न्यूयॉर्क में शेयर बाज़ार के नियमों का उल्लंघन करने के आरोपों से संबंधित मुकदमा शुरु हो रहा है. इस मुकदमे में जूरी का चयन शुरु हो गया है.

श्रीलंकाई मूल के राजारत्नम गैलियन ग्रुप हेज फंड के संस्थापक हैं और जब अक्तूबर 2009 में उनकी गिरफ़्तारी हुई थी तो इस फंड की कीमत लगभघ सात अरब डॉलर थी.

माना जाता है कि राजारत्नम की संपत्ति लगभग 1.3 अरब डॉलर है और उन्हें 10 करोड़ डॉलर के मुचलके पर ज़मानत मिली थी.

हेज फंड ऐसा पूँजी निवेश फंड होता है जिसमें चुनिंदा लोग ही निवेश कर सकते हैं.

राजारत्नम पर इनसाईडर ट्रेडिंग यानी अनधिकृत व्यापार के आरोप हैं. शेयर बाज़ार में जब किसी कंपनी के बारे में अंदर की जानकारी या सार्वजनिक न हुई विशेष जानकारी के आधार पर व्यापार होता है तो उसे इनसाईडर ट्रेडिंग की संज्ञा दी जाती है. इसे शेयर बाज़ार के नियमों का उल्लंघन माना जाता है.

'सबसे बड़ा हेज फंड मामला'

इस मुकदमे की सुनवाई कर रहे जज हॉवेल ने जूरी के सदस्यों को बताया है कि गोल्डमैन सैक्स के मुख्य कार्यकारी लॉयड ब्लैंकफ़ीन उन लोगों में शामिल हैं जिन्हें अदालत में पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है.

अभियोजन पक्ष के अनुसार शेयर बाज़ार के नियमों का उल्लंघन कर हिल्टन होटल और इंटेल समेत कई कंपनियों के बारे में इनसाईडर जानकारी के आधार पर अवैध तौर पर व्यापार हुआ.

न्यूयॉर्क के संघीय वकील ने इस मामले को 'इतिहास का सबसे बड़ा हेज फंड इनसाईडर ट्रेडिंग मामला' बताया है.

अमरीकी वित्तीय नियमक संस्था का अनुमान है कि इससे लगभग 5.2 करोड़ डॉलर का अवैध मुनाफ़ा हुआ.

राजारत्नम अपने ख़िलाफ़ लगे आरोपों का खंडन करते हैं.

इस पेचीदा मामले में अमरीका की बड़ी कंपनियों आईबीएम और इंटेल समेत कई कंपनियों के 12 से अधिक लोगों के ख़िलाफ़ आपराधिक या अन्य मामले चलाए गए हैं और 19 लोगों ने अपना दोष स्वीकार किया है.

संबंधित समाचार