सौर ऊर्जा के लिए भारत को क़र्ज़

सौर ऊर्जा के विकास के लिए एशियाई विकास बैंक ने भारत को लगभग सात अरब रुपए की क़र्ज़ गारंटी देने का फ़ैसला किया है.

ये गारंटी स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय वाणिज्य बैंकों को दी जाएगी, जो निजी कंपनियों को सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने के लिए क़र्ज़ देंगे.

कहा जा रहा है कि इस मदद से भारत सरकार बिजली पैदा करने के लिए कोयले जैसे प्रदूषण पैदा करने वाले ऊर्जा स्रोत पर अपनी निर्भरता घटा पाएगी.

आदर्श स्रोत

एशिया विकास बैंक के निजी उद्योग विभाग के महानिदेशक फ़िलिप एरक्विआगा कहते हैं कि सौर ऊर्जा भारत के लिए आदर्श ऊर्जा स्रोत हो सकता है, क्योंकि यहाँ ज़मीन उपलब्ध है और कड़ी धूप भी पड़ती है.

उन्होंने कहा, "धरती के नीचे पाया जाने वाला ईंधन लगातार घट रहा है. ऐसे में भारत की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए सौर ऊर्जा लंबे समय तक कारगर रहने वाला उपाय है."

भारत में साल में तीन सौ दिन अच्छी धूप खिली रहती है इसके बावजूद प्राइवेट कंपनियाँ सौर ऊर्जा का दोहन करने में काफ़ी ढीली रही हैं.

इसका एक कारण ये भी है कि सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने के लिए शुरुआत में ही काफ़ी पूँजी की ज़रूरत होती है और बैंकों से लंबे समय के लिए आसान शर्तों पर क़र्ज़ नहीं मिलता.

सुविधा

लेकिन अब एशियाई विकास बैंक से आंशिक गारंटी मिलने के कारण प्राइवेट कंपनियों के लिए सौर ऊर्जा के क्षेत्र में प्रगति करना अपेक्षाकृत आसान हो जाएगा.

भारत सरकार ने पिछले साल जवाहरलाल नेहरू राष्ट्रीय सौर ऊर्जा मिशन की स्थापना की थी.

इसके ज़रिए सरकार 2022 तक सौर ऊर्जा से बनी हुई 20 हज़ार मेगावॉट बिजली सप्लाई करना चाहती है.

बैंक गारंटी के अलावा एशियाई विकास बैंक साढ़े बारह लाख डॉलर ट्रेनिंग और अन्य मदों पर भी ख़र्च करेगा.

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